मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य शुरू एक अगस्त को ड्राफ्ट होगा जारी

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य बुधवार से शुरू हो गया है. इसको लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीइओ) ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और मतदाता सूची के कार्यक्रमों की जानकारी दी.

संवाददाता,पटना बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य बुधवार से शुरू हो गया है. इसको लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीइओ) ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और मतदाता सूची के कार्यक्रमों की जानकारी दी. राजनीतिक दलों को बताया गया कि वोटरलिस्ट के पुनरीक्षण का कार्य बुधवार से ही आरंभ हो गया है. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची के प्रारूप (ड्राफ्ट) का प्रकाशन एक अगस्त 2025 को किया जायेगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 सितंबर 2025 को कर दिया जायेगा. राजनीतिक दलों को बताया गया कि बीएलओ द्वारा बुधवार से 26 जुलाई तक घर-घर जाकर मतदाता फार्म वितरित किया जाना है. साथ ही भरे हुए फार्म को संग्रहित करना है. इस प्रकार के फार्म इसीआइनेट पर प्रतिदिन अपलोड किया जाना है. एक माह की गतिविधि में 25 जून से 26 जुलाई तक 1200 मतदाता के आधार पर बूथों का तार्किक रूप से गठन किया जाना है. इन गतिविधियों के बाद तैयार की गयी मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन पहली अगस्त 2025 को किया जायेगा. प्रारूप प्रकाशन के साथ ही मतदाता दावा-आपत्ति से संबंधित आवेदन कर सकेंगे. मतदाताओं से दावा-आपत्ति पहली सितंबर तक स्वीकार किया जायेगा. इसके बाद 27 सितंबर को आयोग की अनुमति से डाटाबेस की प्रिंटिंग की जायेगी और 30 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जायेगा. सीइओ ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में मतदाताओं को फार्म बांटना है. घर का सत्यापन 26 जुलाई तक किया जाना है. उन्होंने सभी दलों को बताया कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी (जिलाधिकारी) स्तर पर भी वोटरलिस्ट का युक्तीकरण किया जाना है. ऐसे में सभी दलों के साथ बैठक कर सुझाव भी प्राप्त करना है. राजनीतिक दल के प्रतिनिधि जिला स्तरीय बैठकों में अवश्य भाग लें. उन्होंने कहा कि स्वच्छ और त्रुटिरहित वोटरलिस्ट तैयार करने में सहयोग के लिए दलों को बीएलए नियुक्त किया जाना है जो बीएलओ के साथ समन्वय कर कार्य करेंगे. बैठक में शामिल दलों के प्रतिनिधियों ने सीइओ के समक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय सीमा बढ़ाने की मांग रखी. भाजपा के प्रतिनिधि ने कहा क बूथों की दूरी को दो किमी का मानक पुराना है. इसे घटाने की आवश्यकता है. राजद, सीआइ(एमएल) और सीपीएम, बसपा ने आशंका जतायी है कि दस्तावेजों के अभाव में गरीब मतदाताओं का नाम विलोपित नहीं होना चाहिए.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rakesh ranjan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >