संवाददाता, पटना
राज्यभर में खेतों में फसल अवशेष जलाने का सिलसिला जारी है. प्रत्येक दिन सूबे में सौ से डेढ़ जगहों पर पुआल जलायी जा रही है. इसे देखते हुए कृषि विभाग की ओर से सख्ती और बढ़ायी गयी है. कम्बाइन हार्वेस्टर के संचालन के पूर्व प्रशासन से आदेश लेने का निर्देश दिया गया है. हार्वेस्टर के मालिकों और संचालकों को फसल अवशेष नहीं जलाने का शपथ पत्र देना होगा. राज्य के सभी जिलाधिकारी को इस संबंध में आदेश जारी किया गया है. फसल अवशेष जलाने वाले हार्वेस्टर मालिकों और संचालकों के हार्वेस्टर संचालित करने पर रोक लगा दी जायेगी. रोहतास, बक्सर व कैमूर में सबसे अधिक जल रही पुआल : रोहतास, कैमूर, बक्सर, भोजपुर, नालंदा, गोपालगंज, सीवान, पटना, नवादा और पश्चिम चंपारण में सबसे अधिक पुआल जलायी जा रही है. इनमें भी रोहतास, कैमूर और बक्सर में सबसे अधिक जगहों पर पुआल जलाने की घटना सेटेलाइट से कैद की गयी है. राज्यभर में अब तक 2184 किसानों के खिलाफ एफआइआार की गयी है. 12 हजार से अधिक किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं से वंचित कर दिया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
