अब गांव की सरकार भी टेक्नोलॉजी से हो जायेंगी लैस, सभासार एप लॉन्च

अब गांव की पंचायत बैठकों का पूरा ब्योरा तैयार करना पहले जैसा मुश्किल काम नहीं रहा. पंचायत राज मंत्रालय ने आजादी के 79 वें साल पर एक नया डिजिटल टूल लॉन्च किया है,

पंचायतों का काम अब होगा तेज : केदार प्रसाद गुप्ता

संवाददाता,पटना

अब गांव की पंचायत बैठकों का पूरा ब्योरा तैयार करना पहले जैसा मुश्किल काम नहीं रहा. पंचायत राज मंत्रालय ने आजादी के 79 वें साल पर एक नया डिजिटल टूल लॉन्च किया है, जिसका नाम सभासार एप है. ये एक ऐसा मोबाइल और वेब एप है जो ग्रामसभा या पंचायत की बैठक की वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग से अपने आप पूरा लिखित रिकॉर्ड तैयार कर देता है. पंचायती राज मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बताया कि इस एप को बिहार के सभी ग्राम पंचायतों में लागू किया जायेगा, जिससे पंचायतों की जनता शासन की पारदर्शिता को देख सकेगी.

सभासार एप का सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि अब पंचायत सचिवों को हाथ से कुछ लिखने या टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. बस बैठक की रिकॉर्डिंग एप में डालिए और मिनटों में पूरा मिनट्स ऑफ मीटिंग (बैठक का सार) तैयार हो जायेगा. सभासार एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (एनएलपी) तकनीक से बना टूल है. इसका मतलब है कि ये इंसानी आवाज को समझकर उसमें से काम की बात निकालकर, अपने आप लिखा हुआ दस्तावेज बना देता है. ये एप 13 भारतीय भाषाओं में काम करता है. जैसे हिंदी, मराठी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, गुजराती आदि. यानी देश के किसी भी कोने की पंचायत इसका इस्तेमाल कर सकती है. पंचायत सचिव या कोई जिम्मेदार व्यक्ति बैठक की वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग सभासार एप या पोर्टल पर अपलोड करता है. एप उस रिकॉर्डिंग को सुनकर खुद-ब-खुद मीटिंग का सारांश और फैसलों की लिस्ट बना देता है. ये दस्तावेज डिजिटल रूप में सेव हो जाता है और जरूरत पड़ने पर एडिट भी किया जा सकता है.

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By RAKESH RANJAN

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