Bihar News: बिहार में हड़ताल कर रहे अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व अधिकारियों के खिलाफ राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है. डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व वाले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. इनमें अररिया के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी जितेंद्र पांडे, पटना सदर के अंचलाधिकारी रजनीकांत और पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन के CO आनंद कुमार शामिल हैं.
निलंबन के दौरान तीनों का मुख्यालय पूर्णिया आयुक्त कार्यालय तय किया गया है. यह कार्रवाई बिहार सरकारी सेवा आचार नियमावली 1978 के तहत की गई है.
हड़ताली संघ से जुड़े बताए जा रहे अधिकारी
जानकारी के अनुसार निलंबित किए गए तीनों अधिकारी हड़ताल कर रहे संघ के पदधारक हैं. सरकार इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सख्ती बरत रही है. यह कदम बाकी अधिकारियों के लिए भी स्पष्ट संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.
डिप्टी CM की चेतावनी- काम में बाधा बर्दाश्त नहीं
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने साफ कहा है कि सरकारी कार्यों में बाधा डालने, अनुशासनहीनता करने और भ्रामक बयान देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए निलंबन जरूरी कदम है और आगे भी ऐसे फैसले लिए जा सकते हैं.
50% अधिकारी ही कर रहे काम
सरकार के अनुसार फिलहाल राज्य में करीब 50 प्रतिशत राजस्व पदाधिकारी ही काम कर रहे हैं. जिलाधिकारियों और अपर समाहर्ताओं की रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है. ऐसे समय में, जब वित्तीय वर्ष समाप्ति के करीब है, कामकाज का प्रभावित होना सरकार के लिए चिंता का विषय बन गया है.
जनगणना और अन्य कामों पर असर
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग इस समय कई महत्वपूर्ण कार्यों की निगरानी कर रहा है. आगामी 17 अप्रैल से स्व-गणना का कार्य शुरू होना है, जिसकी तैयारियां चल रही हैं. इसके अलावा कई प्रशासनिक अभियान भी जारी हैं. ऐसे में हड़ताल से कामकाज प्रभावित हो रहा है.
काम पर लौटने वालों को राहत का संकेत
सरकार ने संकेत दिया है कि जो अधिकारी जल्द काम पर लौट आएंगे, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. इससे हड़ताली कर्मचारियों को एक तरह का मौका भी दिया गया है.
भ्रामक बयान पर भी सख्ती
विजय सिन्हा ने यह भी कहा कि मीडिया में गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी. उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी तरह की अराजकता या गुमराह करने वाली गतिविधि स्वीकार नहीं की जाएगी.
पूर्व अधिकारी के आचरण की भी जांच
इसी बीच, सेवा छोड़कर राजनीति में आए पूर्व राजस्व पदाधिकारी आदित्य शिवम शंकर के आचरण की जांच का फैसला भी लिया गया है. इसके लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है, जिसमें महेंद्र पाल अध्यक्ष और मोना झा व नवाजिश अख्तर सदस्य होंगे.
