संवाददाता, पटना
जिले में अब कोई भी प्राथमिक स्कूल सामुदायिक भवन में नहीं चलेंगे. सामुदायिक भवन में चलने वाले प्राथमिक विद्यालय बगल के विद्यालय में विलय हो जायेंगे. इसके साथ जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार जिले में कुछ ऐसे उर्दू स्कूल हैं जो जगह के अभाव के कारण मस्जिद में संचालित हो रहे हैं. ऐसे स्कूलों के लिए जगह की तलाश की जा रही है. जगह मिलते ही उर्दू स्कूलों को अन्य जगह स्थानांतरण कर दिया जायेगा. उर्दू स्कूल को अन्य स्कूलों में स्थानांतरण करने में कठिनाई है, इसलिए इनके लिए अलग से जगह की तलाश की जा रही है. कुछ ऐसे स्कूल है जो मठ व मंदिर परिसर में संचालित हो रही है. इनको भी बगल के प्रारंभिक स्कूलों में विलय किया जायेगा. मठ-मंदिर परिसर में संचालित स्कूल को अन्य जगह विलय करने में परेशानी नहीं है.सामुदायिक भवन में संचालित 28 स्कूलों को अगल-बगल के स्कूल में विलय किया जायेगा:
प्राथमिक विद्यालय को सामुदायिक भवन विलय करने को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखा गया है. पत्र में सामुदायिक भवन में संचालित 28 स्कूलों को अगल-बगल के स्कूल में विलय करने के लिए पत्र लिख कर अनुमति मांगी है. जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार जिले में अभी शहरी क्षेत्र के 74 और ग्रामीण क्षेत्र के 87 भवनहीन और भूमिहीन प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय को स्थायी भवन वाले विद्यालय में विलय कर दिया गया है. अभी भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलों को 17 जून तक बंद कर दिया गया है. स्कूल खुलते ही विलय वाले स्कूल नये भवन में संचालित होने लगेंगे. दूसरे चरण में सामुदायिक भवन के एक कमरे में चल रहे प्राथमिक स्कूल (कक्षा एक से पांच) बगल के स्कूल में विलय करने की तैयारी चल रही है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्याम नंदन ने बताया कि विभाग से अनुमति मिलने के बाद सामुदायिक भवन में चल रहे स्कूल को बगल के स्कूलों में विलय कर दिया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
