पटना में स्वाइन फ्लू ने दी दस्तक, 4 साल की बच्ची और 47 साल का व्यक्ति मिला पॉजिटिव

स्वाइन फ्लू एच1एन1 वायरस के कारण होता है, जो नाक, गले और फेफड़ों की कोशिकाओं पर आक्रमण करता है. यह मौसमी फ्लू की तरह ही फैलता है. जब संक्रमित लोग खांसते या छींकते हैं, तो वे वायरस की छोटी बूंदों को हवा में छोड़ देते हैं और इसके संपर्क में आने वाले लोग संक्रमित हो जाते हैं.

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 15, 2023 11:44 PM

पटना में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) का एक और मरीज मिला है. यह मरीज पटना जिले का रहने वाला है, जिसकी उम्र करीब 47 वर्ष है. इसका सैंपल कंकड़बाग स्थित एक बड़े निजी अस्पताल से आरएमआरआइ भेजा गया था, जिसकी बुधवार को आयी रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई. मरीज का इलाज संबंधित अस्पताल में ही चल रहा था. पटना जिला में अब तक स्वाइन फ्लू का यह दूसरा मामला सामने आया है. एक दिन पहले एम्स में भर्ती एक चार साल की बच्ची के सैंपल की जांच में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी.

एच3एन2 के लिए तीन सैंपल की हुई थी जांच

आरएमआरआइ के निदेशक डॉ कृष्णा पांडेय ने बताया कि अलग-अलग जगहों से तीनों सैंपल लाये गये थे. इन तीनों सैंपलों को यहां एच3एन2 वायरस संक्रमण के लिए जांच की गयी, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आयी. वहीं, एक मरीज में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) की पुष्टि हुई.

एच1एन1 वायरस के कारण होता है स्वाइन फ्लू

डॉ कृष्णा पांडेय ने बताया कि स्वाइन फ्लू एच1एन1 वायरस के कारण होता है, जो नाक, गले और फेफड़ों की कोशिकाओं पर आक्रमण करता है. यह मौसमी फ्लू की तरह ही फैलता है. जब संक्रमित लोग खांसते या छींकते हैं, तो वे वायरस की छोटी बूंदों को हवा में छोड़ देते हैं और इसके संपर्क में आने वाले लोग संक्रमित हो जाते हैं. जानकारों की मानें तो जिले में स्वाइन फ्लू के मामले में बीते तीन साल में बहुत कम हुए है. वहीं अब तक के मिले दोनों पॉजिटिव मरीज ठीक हैं.

स्वाइन फ्लू के ये हैं लक्षण

  • बुखार

  • थकान

  • भूख की कमी

  • खांसी

  • गले में खराश

  • उल्टी व दस्त

अभी सिर्फ आरएमआरआइ में ही हो रही H3N2 इन्फ्लूएंजा की जांच

पटना सहित पूरे बिहार में एच3एन2 फ्लू वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग भले सतर्कता बरत रहा है. लेकिन, पटना सिटी स्थित आरएमआरआइ की लैब के अलावा किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में इसकी अब तक जांच शुरू नहीं की गयी है. संबंधित मेडिकल कॉलेज अस्पतालों की मानें, तो उनके यहां जांच की सुविधा है. जैसे ही मरीजों की संख्या बढ़ेगी, जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी.

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अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतार 

दूसरी ओर बुखार और खांसी-जुकाम के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों लंबी कतार देखी जा रही है. बुधवार को भी पीएमसीएच, एनएमसीएच, पटना एम्स, आइजीआइएमएस आदि अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ रही. बावजूद इसकी जांच का पूरा इंतजाम नहीं है. हालांकि, राहत की बात यह है कि पटना समेत बिहार में अब तक एच3एन2 फ्लू का एक भी नहीं मिला है. आरएमआरआइ में अब तक एच3एन2 फ्लू के 23 मरीजों के सैंपलों की जांच की गयी है. सभी की रिपोर्ट निगेटिव रही. हालांकि, दो मरीजों में स्वाइन फ्लू का एच1एन1 वायरस मिला.

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