पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
Martyrdom Day : दानापुर में 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के वीर योद्धा और अमर शहीद राजेंद्र सिंह की शहादत दिवस पर मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और गणमान्य लोगों ने शहीद राजेंद्र सिंह की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया.
कृषि मंत्री, विधायक समेत कई नेताओं ने प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
कार्यक्रम में मंत्री रामकृपाल यादव, पूर्व मंत्री श्याम रजक, पूर्व आईएएस सह जदयू के प्रदेश महासचिव मनीष वर्मा, विधायक मंटू पटेल, दिनेश राय, नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव अरविंद कुमार, छोटू सिंह, नगर परिषद की पूर्व मुख्य पार्षद डॉ. अनु कुमारी, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष अखिलेश कुमार उर्फ मुटूर साव, भाजपा प्रदेश महामंत्री ब्रजेश कुमार सिंह, विजय भोटी, राजीव रंजन, जदयू नेता सुभाष प्रसाद सिंह सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शहीद राजेंद्र सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
18 वर्ष की उम्र में देश के लिए दी शहादत
इस मौके पर वक्ताओं ने शहीद राजेंद्र सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की. बताया गया कि राजेंद्र सिंह का जन्म 4 दिसंबर 1924 को सोनपुर प्रखंड क्षेत्र के रसूलपुर पंचायत स्थित बनवारी चक गांव में किसान शिवनारायण सिंह और जीरा देवी के घर हुआ था. उनकी शादी सुरेश देवी के साथ हुई थी.
वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1942 में महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन से प्रेरित होकर युवा राजेंद्र सिंह भी स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े. उस समय उनकी उम्र महज 18 वर्ष थी. 11 अगस्त 1942 को पटना सचिवालय पर तिरंगा फहराने के दौरान वे अपने सात साथियों के साथ शहीद हो गए.
बलिदान को आज भी गर्व से याद करता है देश
शहीद के पौत्र संजय सिंह ने बताया कि राजेंद्र सिंह ने देश की आजादी के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया और अपना जीवन न्योछावर कर दिया. उनके बलिदान को आज भी लोग गर्व और सम्मान के साथ याद करते हैं.
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि ऐसे वीर सपूतों की शहादत देश की आने वाली पीढ़ियों को हमेशा राष्ट्रप्रेम, साहस और त्याग की प्रेरणा देती रहेगी.
गणमान्य लोग रहे मौजूद
मौके पर शहीद राजेंद्र सिंह के पौत्र अतुल सिंह, शाहिल सिन्हा, अतीश, अंकित, अंकुश, विकास सिंह, मृणाल भारद्वाज, मुकेश कुमार, गोलू सिंह, कृष्ण पटेल, चंदन सिंह समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे.
