इस साल बिहार में लगायी जायेंगी 124 नयी गुड़ यूनिट

बिहार में गन्ने की खेती को नये सिरे से पुनर्जीवित करने गन्ना उद्योग विभाग बड़े कदम उठा रहा है. वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 124 नयी गुड़ यूनिट लगाने का लक्ष्य तय किया है.

संवाददाता, पटना बिहार में गन्ने की खेती को नये सिरे से पुनर्जीवित करने गन्ना उद्योग विभाग बड़े कदम उठा रहा है. वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 124 नयी गुड़ यूनिट लगाने का लक्ष्य तय किया है. इसके लिए सोमवार से ऑनलाइन आवेदन करने 21 अप्रैल 25 मई तक पोर्टल खोलने के आदेश दिये गये हैं. गुड़ बनाने वाली यूनिट को बड़ी संख्या में आकर्षित करने गन्ने की खेती को विस्तार देने की रणनीति बनायी गयी है. करीब तीन लाख हैक्टेयर तक गन्ना खेती करने का लक्ष्य है. कुछ समय पहले संभावनाशील गन्ना उत्पादक क्षेत्र चिह्नित किये गये थे. यहां नयी चीनी मिलें और बड़ी गुड़ यूनिट लगाने की समुचित संभावना है. चालू हो सकती है बंद सासामूसा चीनी मिल : रीगा चीनी मिल की भांति अभी बंक पड़ी सासामूसा चीनी मिल को फिर से चालू कराने गन्ना उद्योग विभाग ने प्रयास शुरू किये हैं. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने इसके लिए परिसमापक नियुक्त कर दिया है. जिसके जरिये कंपनी चलाने के लिए बिड निकाली जायेगी. अगर सभी कुछ ठीक गति से हुआ तो सासामूसा मिल फिर शुरू हो जायेगी. गन्ना उद्योग विभाग ने ट्रिब्यूनल ने किसानों के बकाया 43 करोड़ बकाये की मांग की है. गन्ने के संभावनाशील क्षेत्र भोजपुर-बक्सर और रोहतास जिले की मिट्टी जलोढ़ और कार्बनिक पदार्थों से भरपूर है. यहां पहले चीनी मिल थी. बांका-भागलपुर जिलों की मिट्टी अत्यधिक उपजाऊ है. गन्ने की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है. नालंदा-नवादा जिले में चीनी मिल बंद हो चुकी है. मिट्टी-पानी गन्ने की खेती के लिए अनुकूल है. गया और औरंगाबाद जिलों की भूमि भी बहुत उपजाऊ है. यहां की एक चीनी मिल बंद हो चुकी है. सहरसा-अररिया-किशनगंज-पूर्णिया जिले की मिट्टी गन्ने की खेती के लिए उपयुक्त है. यहां पहले एक चीनी मिल थी. चालू वित्तीय वर्ष में बिहार में 124 नयी गुड़ यूनिट लगाने का प्रस्ताव है. आवेदन के लिए आज से 25 मई तक पोर्टल खोला जा रहा है. गन्ना उत्पादन के नये संभावनाशील क्षेत्र चिह्नित किये गये हैं. पेराई सत्र 2025-2026 के लिए सर्वे भी हो रहा है. सासामूसा चीनी चालू करने परिसमापक की नियुक्त एनसीएलटी कर चुका है. जय प्रकाश नारायण सिंह, संयुक्त ईखायुक्त , गन्ना उद्योग विभाग

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