गरीबों की ‘वोटबंदी’ नहीं चलेगी आज से माले छेड़ेगा अभियान

भाकपा माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा है कि बिहार चुनाव में हार से बौखलाई एनडीए सरकार चुनाव आयोग के जरिये गरीबों-वंचितों को वोट के अधिकार से वंचित करने की साजिश कर रही है.

संवाददाता, पटना भाकपा माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा है कि बिहार चुनाव में हार से बौखलाई एनडीए सरकार चुनाव आयोग के जरिये गरीबों-वंचितों को वोट के अधिकार से वंचित करने की साजिश कर रही है. माले सभी नागरिकों से आह्वान करती है कि वे एक जुलाई से पूरे राज्य में गांव-गांव में अभियान शुरू करें. इस तानाशाही फरमान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, जनसभाएं और जनांदोलन खड़े करें और अपने वोट और लोकतंत्र की रक्षा करें. यह ‘वोटबंदी’ ठीक उसी तरह की साजिश है,जैसे 2016 की ‘नोटबंदी’ थी. उन्होंने कहा है हाल ही में चुनाव आयोग ने निर्देश जारी किया है कि बिहार की मतदाता सूची को एक महीने के भीतर अपडेट किया जायेगा. इसके लिए राज्य के आठ करोड़ मतदाताओं से नागरिकता संबंधी दस्तावेज मांगे जायेंगे.

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Published by: Rakesh ranjan

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