डीएलएड में एडमिशन की तीसरी लिस्ट छह को होगी जारी

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति डीएलएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2025 के आधार पर गैर-सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों में नामांकन के लिए तीसरी चयन सूची छह मार्च को जारी करेगी.

– एडमिशन छह से नौ तक संवाददाता, पटना बिहार विद्यालय परीक्षा समिति डीएलएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2025 के आधार पर गैर-सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों में नामांकन के लिए तीसरी चयन सूची छह मार्च को जारी करेगी. छह से नौ मार्च तक नामांकन होगा. वहीं, 10 मार्च तक संस्थान द्वारा पोर्टल पर अंतिम सीट को अपडेट किया जायेगा. समिति ने बताया कि सरकारी संस्थानों में नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब गैर-सरकारी संस्थानों के लिए तीसरे चरण की चयन सूची तैयार की गयी है. चयनित अभ्यर्थी छह से नौ मार्च तक संबंधित संस्थान में नामांकन करा सकेंगे. चयनित अभ्यर्थी अपना इंटिमेशन लेटर समिति की वेबसाइट www.bsebdeled.com पर लॉगिन आइडी और पासवर्ड से डाउनलोड कर सकते हैं. समिति ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों को तीसरे चरण में संस्थान आवंटित हुआ है, वे नौ मार्च तक अनिवार्य रूप से नामांकन करा लें, अन्यथा उनका आवंटन रद्द कर दिया जायेगा. वहीं, जिन अभ्यर्थियों ने पहले या दूसरे चरण में केवल तीन हजार रुपये सुरक्षा राशि जमा की थी, उन्हें तीसरे चरण में नामांकन के समय प्रथम वर्ष की शेष शुल्क राशि नौ मार्च तक जमा करनी होगी. समय पर शुल्क जमा नहीं करने पर नामांकन रद्द कर दिया जायेगा.

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By Anurag pradhan

अनुराग प्रधान बिहार की पत्रकारिता में प्रतिष्ठित नाम हैं. साल 2012 में प्रभात खबर के साथ ही अपने सक्रिय पत्रकारिता की शुरुआत की. बीते 14 वर्षों में उन्होंने सिटी रिपोर्टिंग से लेकर शिक्षा, संस्कृति और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर व्यापक कार्य किया है. वर्तमान में प्रभात खबर के ब्यूरो रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं. प्रिंट और डिजिटल, दोनों प्लेटफॉर्म के लिए रिपोर्टिंग-लेखन कर रहे हैं.

पटना विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक-स्नातकोत्तर की डिग्रियां प्राप्त की हैं. उनकी विशेष पहचान शिक्षा पत्रकारिता (Education Journalism) के क्षेत्र में है. उन्होंने ऑनलाइन जेईई मेन के प्रश्न-पत्र आउट होने को उजागर किया था.

अनुराग ने लंबे समय तक उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्कूल शिक्षा, शिक्षक नियुक्ति, विश्वविद्यालय प्रशासन, प्रतियोगी परीक्षाओं, शिक्षा विभाग की नीतियों और शैक्षणिक सुधारों पर गहन रिपोर्टिंग की है. शिक्षा क्षेत्र की जटिल नीतियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की उनकी समझ उन्हें इस विषय का विशेषज्ञ पत्रकार बनाती है. शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने कला, संस्कृति, साहित्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर भी उल्लेखनीय रिपोर्टिंग की है. उनकी खबरों में जमीनी दृष्टिकोण, तथ्यपरकता और विषय की गहरी पड़ताल देखने को मिलती है.

वर्तमान में बिहार के शिक्षा, संस्कृति तथा सामाजिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. उनके लेख और रिपोर्ट न केवल सूचनात्मक होती हैं, बल्कि नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और आम पाठकों के लिए भी उपयोगी संदर्भ प्रस्तुत करती हैं.

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