संवाददाता,पटना
राज्यसभा सांसद एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा भीम सिंह के नेतृत्व में अत्यंत पिछड़ी जातियों का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां से राजभवन पटना में मिला. इस दौरान उन्हें अत्यंत पिछड़ी जातियों से संबंधित 15 सूत्री मांगपत्र सौंपा. मांग पत्र में अत्यंत पिछड़ी जातियों के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू करने, अत्यंत पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम की स्थापना करने, पांच करोड़ रुपए तक की सरकारी ठेकेदारी में आरक्षण प्रावधान लागू करने की मांग की गयी है. इसके साथ ही पंचायत एवं नगर निकायों में 20% आरक्षण को बढ़ाकर 30% करने, विधानसभा- लोकसभा में अत्यंत पिछड़ी जातियों के लिए सीटें आरक्षित करने, संविधान में संशोधन कर विधान परिषद में अत्यंत पिछड़ी जातियों के लिए सीट आरक्षित करने, रोहिणी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर फाउंडेशन/ इंटरनेशनल सेंटर की स्थापना करने जैसी 15 मांगे इस मांगपत्र में शामिल हैं.
डा सिंह ने बताया कि इन मांगों के समर्थन में अत्यंत पिछड़ा वर्ग चेतना मंच के बैनर तले लंबे समय से अभियान चलाया जा रहा है. पिछले नौ मार्च को मिलर स्कूल मैदान पटना में एक विशाल सम्मेलन में भी यह मांगपत्र समर्पित किया गया था. मांग पत्र सौंपने के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए डॉ भीम सिंह ने बताया कि राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया.
डा भीम सिंह के नेतृत्व में गए इस शिष्टमंडल में राम बहादुर चौधरी, नेहा सिंह, निशा सिंह, सुंदर सहनी, सुभाष चंद्रवंशी , जीत कुमार, जेपी चंद्रवंशी , प्रभात कुमार मालाकार, संदीप शर्मा, दिलीप चंद्रवंशी, सिद्घनाथ सिंह चंद्रवंशी, चीनचीन कुमार, धीरू चंद्रवंशी, राकेश कुमार गुड्डू और राम बाबू कानू शामिल थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
