Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा विधान परिषद से इस्तीफा दिए जाने के बाद राज्य की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को कहा कि यह तो होना ही था. उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने नीतीश कुमार को किनारे करने के लिए उन्हें दबाव में राज्यसभा भेजा है. तेजस्वी ने कहा कि वे शुरू से कह रहे थे कि अगर एनडीए सत्ता में आई, तो नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहने नहीं दिया जाएगा और आज वही सच साबित हो रहा है.
बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
तेजस्वी यादव ने भाजपा पर जनता को ठगने का आरोप लगाया. उन्होंने चुनाव के दौरान महिला मतदाताओं को दिए गए प्रलोभनों का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं को 10 हजार रुपये देकर बाकी के 1.90 लाख रुपये बाद में देने का वादा किया गया था, जो अब तक अधूरा है. उन्होंने बिजली की दरों पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि 125 यूनिट फ्री बिजली का वादा करने वालों ने अब बिजली और महंगी कर दी है. उन्होंने बिहार की बिजली को देश में सबसे महंगी बताते हुए इसे जनता के साथ विश्वासघात करार दिया.
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बिहार के विकास की बात कौन करेगा
महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर बोलते हुए राजद नेता ने कहा कि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी होगी. उन्होंने कहा कि जब सरकार ही स्थायी नहीं है, तो बिहार में शिक्षा, किसान और विकास की बात कौन करेगा? तेजस्वी ने कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि भाजपा का एकमात्र मकसद किसी भी तरह सत्ता पर कब्जा करना है.
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