Raid In Bihar: विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने रिशु श्री के खिलाफ दर्ज गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. आरोप है कि अभियुक्त ने सरकारी निविदा प्रक्रिया में हेर-फेर कर अपनी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया, जिससे राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ.
मामले में P.C. Act 1988, Official Secrets Act और BNS 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि निविदा प्रक्रिया में अनियमितताओं के माध्यम से आर्थिक लाभ लेने का प्रयास किया गया.
ईडी ने भी की थी जांच की मांग
पहले भी में इस प्रकरण की जांच ईडी की ओर से भी की गई थी, जिसके बाद P.C. Act के तहत विस्तृत जांच की अनुशंसा की गई थी. इसी अनुशंसा और प्राप्त सबूतों के आधार पर विशेष निगरानी इकाई ने आगे की कार्रवाई तेज कर दी है. विशेष न्यायाधीश, निगरानी पटना के आदेश पर तलाशी वारंट जारी किया गया है. इसी के आधार पर पटना स्थित अभियुक्त के आवासीय परिसर में छापेमारी की जा रही है.
अगल-अलग बिंदुओं पर हो रही जांच
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम की ओर से डॉक्यूमेंट्स, डिजिटल रिकॉर्ड्स और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजातों की गहन जांच की जा रही है. अधिकारियों की कई टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर सबूत जुटाने में लगी हुई है. आरोपी से जुड़ी कंपनी Reliable Infra Services Pvt. Ltd. से संबंधित परिसरों और डॉक्यूमेंट्स की भी जांच की संभावना जताई जा रही है.
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और विस्तृत खुलासा किया जाएगा. फिलहाल, पूरे मामले को लेकर जांच एजेंसियां पूरी गंभीरता से काम कर रही हैं.
दरभंगा में बीडीओ के ठिकाने पर छापा
दूसरी तरफ दरभंगा में प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्रमोहन पासवान के 6 अलग-अलग ठिकानों पर ईओयू की टीम छापेमारी के लिए पहुंची थी. चंद्रमोहन पासवान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति को लेकर मामला दर्ज किया गया था. मामले में सत्यापन के दौरान यह पता चला कि चंद्रमोहन पासवान ने 89 लाख 13 हजार 500 रुपये की संपत्ति अर्जित की, जो कि उनके वास्तविक आय से 81.03 प्रतिशत अधिक है.
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