सुशील मोदी ने सम्राट को दिलाई थी BJP में एंट्री, 9 साल में ऐसे तय किया मुख्यमंत्री पद तक का सफर

Samrat Choudhary: सम्राट चौधरी को भाजपा में लाने का श्रेय पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी को जाता है. साल 2018 में उनके प्रयास से ही सम्राट ने भाजपा की सदस्यता ली. जिसके बाद उनकी राजनीतिक दिशा पूरी तरह बदल गई और उन्होंने तेजी से पार्टी में अपनी मजबूत पहचान बनाई.

Samrat Choudhary: बिहार के वरिष्ठ समाजवादी नेता शकुनी चौधरी के बेटे सम्राट चौधरी ने अपनी राजनीति की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल से की थी. वे राबड़ी देवी की सरकार में सबसे कम उम्र के मंत्री बने थे, जो उनके शुरुआती राजनीतिक कौशल का प्रमाण था. इसके बाद उन्होंने जनता दल यूनाइटेड और फिर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा में भी अपनी भूमिका निभाई.

सुशील मोदी ने दिलाई भाजपा में एंट्री

साल 2017 में सम्राट चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा. उन्हें भाजपा में लाने का श्रेय पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी को जाता है. उस समय प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय थे और सम्राट चौधरी को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई. यहीं से उनका भाजपा में तेज उभार शुरू हुआ.

संगठन और सरकार में लगातार बढ़ती जिम्मेदारी

साल 2020 में एनडीए सरकार बनने के बाद सम्राट चौधरी को पंचायती राज मंत्री बनाया गया. इसके बाद जब गठबंधन टूटा, तो उन्हें विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मिली. इस भूमिका में उन्होंने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा और अपनी मजबूत छवि बनाई. मार्च 2023 में उन्हें बिहार भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया. इस पद पर रहते हुए उन्होंने संगठन को मजबूत किया और विपक्ष पर आक्रामक रणनीति अपनाई.

सुशील मोदी के बाद नेतृत्व का खालीपन भरा

भाजपा में सुशील कुमार मोदी के बाद जो नेतृत्व का अभाव दिख रहा था, उसे सम्राट चौधरी ने काफी हद तक भर दिया. उनके नेतृत्व में पार्टी ने नई ऊर्जा के साथ काम किया. यही वजह रही कि जनवरी 2024 में एनडीए सरकार बनने पर उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया.

वित्त मंत्री के रूप में बड़ी घोषणाएं

उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ सम्राट चौधरी को वित्त और वाणिज्य कर विभाग की जिम्मेदारी मिली. उन्होंने अपने बजट भाषण में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिससे उनकी प्रशासनिक पकड़ साफ नजर आई. लोकसभा चुनाव के दौरान भी वे भाजपा के प्रमुख चेहरा बने रहे.

गृह मंत्री बनकर बढ़ा कद

नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया और सबसे बड़े दल के रूप में उभरी. इसके बाद सम्राट चौधरी को दोबारा उपमुख्यमंत्री बनाया गया और साथ ही गृह विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई. यह पहली बार था जब गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास न होकर किसी और के पास गया. गृह मंत्री के रूप में उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े संदेश दिए. अपराधियों को लेकर उनके सख्त बयान भी चर्चा में रहे.

बेबाक और आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते हैं सम्राट

सम्राट चौधरी अपने बेबाक और आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने एक समय नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने के लिए प्रतीकात्मक तौर पर मुरेठा बांध लिया था. बाद में एनडीए सरकार बनने के बाद अयोध्या में मुंडन कर उन्होंने इसे उतार दिया, जो उनके राजनीतिक संदेश का हिस्सा बना.

अब मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे

लगातार मेहनत, संगठन में पकड़ और नेतृत्व क्षमता के दम पर सम्राट चौधरी आज बिहार के मुख्यमंत्री बन गए हैं. भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और हर भूमिका को मजबूती से निभाया.

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By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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