Nitish Kumar: बिहार की सियासत में सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है. उनके साथ जेडीयू के कद्दावर नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने डिप्टी सीएम के तौर पर कमान संभाली है.
इस पूरे समारोह के बीच जिस संदेश ने सबका ध्यान खींचा, वह था पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बधाई संदेश. नीतीश कुमार ने न केवल सम्राट चौधरी को शुभकामनाएं दी, बल्कि एक बड़े भाई और मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हुए राज्य के भविष्य को लेकर अपना अटूट विश्वास भी जताया.
नीतीश का भरोसा
राजभवन में शपथ ग्रहण की औपचारिकताएं पूरी होते ही राज्यसभा सांसद और पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. उन्होंने सम्राट चौधरी को संबोधित करते हुए लिखा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि नए नेतृत्व के अधीन बिहार विकास के पथ पर और तेजी से अग्रसर होगा.
नीतीश कुमार ने अपने संदेश में सम्राट को हार्दिक बधाई देते हुए बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने का लक्ष्य साझा किया. यह संदेश साफ कर रहा है कि सत्ता परिवर्तन के बावजूद एनडीए का गठबंधन वैचारिक रूप से कितना एकजुट है.
नीतीश ने क्यों छोड़ी कुर्सी?
बीते कल यानी 14 अप्रैल को जब नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा, तो कयासों का बाजार गर्म था. उन्होंने एक विस्तृत संदेश के जरिए बिहार की जनता को अपने फैसले का कारण बताया. नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि 2005 से उन्होंने समाज के हर तबके चाहे वह दलित हो, पिछड़ा हो या अल्पसंख्यक के लिए बिना किसी भेदभाव के काम किया है.
उन्होंने बताया कि ‘7 निश्चय-3’ के जरिए बिहार के विकास का जो रोडमैप तैयार किया गया है, उसे अब नई सरकार आगे ले जाएगी. उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के निर्णय को अपनी इच्छा बताते हुए नई सरकार को पूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन देने का वादा किया है.
अब बिहार की जनता की निगाहें सम्राट कैबिनेट के पहले फैसलों पर टिकी हैं. क्या सम्राट चौधरी नीतीश कुमार की विरासत को सहेजते हुए बिहार को नए शिखर पर ले जा पाएंगे? यह देखना दिलचस्प होगा.
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