Bikram Surprise Inspection : पटना के बिक्रम प्रखंड कार्यालयों में कर्मचारियों के समय पर नहीं पहुंचने की शिकायतों के बीच शनिवार को बीस सूत्री अध्यक्ष अभिषेक रंजन उर्फ मोंटी ने बाल विकास परियोजना कार्यालय और प्रखंड आपूर्ति कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान दोनों कार्यालयों की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए.
आपूर्ति कार्यालय में लटका मिला ताला
बीस सूत्री अध्यक्ष के अनुसार, सुबह करीब 10:35 बजे निरीक्षण के दौरान प्रखंड आपूर्ति कार्यालय बंद मिला. कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर ताला लटका हुआ था. इस स्थिति पर अध्यक्ष ने नाराजगी जतायी और मामले की जानकारी जिलाधिकारी को देने की बात कही.
बाल विकास कार्यालय में मिले सिर्फ दो कर्मचारी
बाल विकास परियोजना कार्यालय के निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने मात्र दो कर्मचारियों के उपस्थित होने का दावा किया. कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए. उनका कहना है कि सरकारी कार्यालयों में निर्धारित समय पर कर्मचारियों की मौजूदगी जरूरी है, ताकि आम लोगों को अपने काम के लिए परेशान नहीं होना पड़े.
जियो-ट्रैकिंग फोटो के साथ डीएम को भेजी शिकायत
अभिषेक रंजन ने बताया कि औचक निरीक्षण के दौरान जियो-ट्रैकिंग के माध्यम से फोटो लिये गये. इन तस्वीरों के साथ दोनों कार्यालयों की स्थिति से संबंधित शिकायत जिलाधिकारी को भेजी गयी है. उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगने और एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की मांग की है.
सीडीपीओ ने कहा- सभी कर्मी उपस्थित थे
मामले में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अर्चना कुमारी ने निरीक्षण के दौरान सभी कर्मियों के उपस्थित रहने की बात कही है. इस तरह औचक निरीक्षण के दौरान सामने आये दावे और विभागीय अधिकारी के पक्ष में अंतर नजर आ रहा है.
आपूर्ति पदाधिकारी ने राशन कार्ड कार्य का दिया हवाला
वहीं, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी डॉ मनोज कुमार सुमन ने बताया कि राशन कार्ड में नाम जोड़ने का कार्य लगातार जारी है. उन्होंने कहा कि इस कार्य को लेकर कार्यालय निर्धारित अवधि तक खुला रहता है. उनका पक्ष भी औचक निरीक्षण के दौरान कार्यालय बंद मिलने के दावे से अलग है.
कर्मचारियों की उपस्थिति पर फिर उठे सवाल
औचक निरीक्षण के बाद बिक्रम प्रखंड के कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति और समय पालन को लेकर चर्चा तेज हो गयी है. सरकारी कार्यालयों में समय पर कर्मियों की उपलब्धता आम लोगों के लिए जरूरी मानी जाती है, खासकर उन सेवाओं में जहां लोगों को आवेदन, प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचना पड़ता है.
आम लोगों को समय पर सेवा मिलने की उम्मीद
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यालयों में निर्धारित समय के अनुसार कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित होनी चाहिए. इससे लोगों को अपने काम के लिए बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाने की परेशानी से बचाया जा सकता है.
