Bihta-Sarmera NH: (अजीत कुमार / एस.के. सिंह की रिपोर्ट) पटना जिले के बिहटा-सरमेरा हाईवे पर गुरुवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया. गौरीचक थाना क्षेत्र के सैदननपुर गांव के पास तेज रफ्तार और अनियंत्रित बालू लदे ट्रक ने सीएनजी टेम्पो को जोरदार टक्कर मार दी. इस हादसे में एक ही परिवार के मां और उसके तीन साल के मासूम बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा.
टक्कर इतनी जबरदस्त कि टेम्पो के उड़ गए परखच्चे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा सुबह करीब साढ़े छह बजे हुआ. टेम्पो अपने रास्ते पर जा रहा था, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार बालू लदे ट्रक ने उसे सीधे टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टेम्पो पूरी तरह चकनाचूर हो गया.
इस दर्दनाक हादसे में शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के जमालपुर गांव निवासी सुलेखा देवी (36 वर्ष) और उनके तीन वर्षीय पुत्र ऋषभ कुमार की मौके पर ही मौत हो गई. दोनों की हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें बचाने का कोई मौका नहीं मिला.
पिता समेत तीन घायल, हालत गंभीर
हादसे में टेम्पो चालक गौतम कुमार यादव भी गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके साथ उनकी आठ वर्षीय पुत्री रिया कुमारी और एक अन्य बच्ची तान्या भी घायल हैं. तीनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत अभी नाजुक बनी हुई है.
मौके पर मची अफरा-तफरी, ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू
हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. आसपास के ग्रामीण दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचे और टेम्पो में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की. लोगों ने काफी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी.
सूचना मिलते ही गौरीचक, पचरुखिया और फतुहा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया.
गुस्साए लोगों ने हाईवे किया जाम
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों और मृतकों के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. बड़ी संख्या में लोगों ने पटना-बिहटा-दनियावां-सरमेरा एसएच-78 को जाम कर दिया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. करीब एक घंटे तक हाईवे पूरी तरह जाम रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई.
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि इस हाईवे पर लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है.
ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षा की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि सैदननपुर गांव के पास न तो स्पीड ब्रेकर है और न ही कोई चेतावनी संकेत. इसी वजह से तेज रफ्तार वाहन यहां अक्सर हादसों का कारण बनते हैं.
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि यहां स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं, नियमित पुलिस निगरानी हो और वाहनों की रफ्तार पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें.
पुलिस को करना पड़ा विरोध का सामना
हंगामे के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. हालांकि बाद में अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया. प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद जाम समाप्त हुआ और यातायात सामान्य हुआ.
ट्रक जब्त, चालक फरार
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के बाद ट्रक को जब्त कर लिया गया है, लेकिन चालक मौके से फरार हो गया. उसकी पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है.
इलाके में पसरा मातम
इस हादसे के बाद मृतकों के घर में कोहराम मचा हुआ है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पूरे गांव में शोक की लहर है और हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है.
