Encounter In Bihar: बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत गरम है. विधानसभा में विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है. इसी बीच पुलिस के एक्शन के आंकड़े सामने आए हैं. नीतीश कुमार के नेतृत्व में इस बार एनडीए सरकार बनने के बाद अब तक 10 बड़े एनकाउंटर हो चुके हैं. इन मुठभेड़ों में कई कुख्यात अपराधी घायल हुए हैं. कुछ मारे भी गए हैं. सरकार का दावा है कि अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चल रहा है. पुलिस का संदेश साफ है. अपराध करेंगे तो कार्रवाई होगी.
नवंबर से शुरू हुई कार्रवाई
- 21 नवंबर 2025 को बेगूसराय के शालिग्राम गांव में इनामी अपराधी शिवदत्त राय को पुलिस ने मुठभेड़ में गोली मारकर घायल किया.
- 2 दिसंबर 2025 को छपरा के मांझी में शराब माफिया अजय राय का एनकाउंटर कर उसे पकड़ा गया.
- 11 दिसंबर को बैंक कर्मचारी से रंगदारी मांगने वाले राकेश कुमार को गोली मारी गई.
- 18 दिसंबर 2025 को छपरा में डॉक्टर सजल कुमार के अपहरण की कोशिश के आरोपी सोनू राय और रंजन राय को पुलिस ने पैरों में गोली मारी.
- 31 दिसंबर 2025 को बेगूसराय में 50 हजार के इनामी नक्सली दयानंद मालाकार उर्फ छोटू मुठभेड़ में मारा गया.
नए साल में भी जारी रहा एक्शन
- 2 जनवरी को एसटीएफ और पटना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में 25 हजार के इनामी सुपारी किलर मैनेजर राय को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया.
- 11 जनवरी को पटना के मनेर में ज्वेलर लूट मामले के आरोपी नीतीश यादव को एनकाउंटर में घायल किया गया.
- 22 जनवरी को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर परमानंद यादव को भी पैर में गोली लगी.
- 6 फरवरी 2026 को 300 किलोग्राम सोना लूट मामले के मास्टरमाइंड प्रिंस को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया.
- 11 फरवरी को पटना के आलमगंज इलाके में सूर्या डॉन को पुलिस ने घेर लिया. तीन राउंड फायरिंग हुई. एक गोली उसके पैर में लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
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