सायरन की आवाज सुन विद्यार्थियों ने झुक कर छिपाया सिर, मॉक ड्रिल में बताये गये बचाव के उपाय

सायरन की आवाज होते ही स्कूल ग्राउंड में खड़े सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थियों ने झुक कर अपने सिर को हाथों से छिपाया

संवाददाता, पटना

सायरन की आवाज होते ही स्कूल ग्राउंड में खड़े सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थियों ने झुक कर अपने सिर को हाथों से छिपाया. दोबारा सायरन बजते ही विद्यार्थियों ने टेबुल और बेंच के नीचे बैठकर खुद को सुरक्षित रखने के बारे में बताया. यह नजारा बुधवार की सुबह शहर के दरियापुर स्थित पटना कॉलेजिएट हाइस्कूल में देखने को मिला. स्कूल की ओर से मॉक ड्रिल का आयोजन कर युद्ध की स्थिति में बचाव को लेकर विद्यार्थियों को जागरूक किया गया. इस दौरान एनसीसी के एसोसिएट ऑफिसर डॉ संजय कुमार सिंह ने माॅक ड्रिल की कमान संभाली. एनसीसी कैडेट्स ने युद्ध के दौरान आपात स्थिति में खुद को बचाने को लेकर डेमो दिया. स्कूल के प्राचार्य अफजल सआदत हुसैन ने मॉक ड्रिल से पहले बच्चों को चेतना सत्र में होने वाले मॉ़क ड्रिल की जाकनारी देते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध के इतिहास से भी अवगत कराया.

बच्चों को बताया गया 1971 की लड़ाई से लेकर अब तक क्या हुआ

प्राचार्य अफजल सआदत हुसैन ने चेतना सत्र में बच्चों को बताया कि 1971 के युद्ध में भारत ने बंगलादेश को कैसे आजाद कराया था. उन्होंने कहा कि 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की 93 हजार सेना ने भारत की सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया था. उन्होंने पहलगाम हमले के बाद मंगलवार की मध्य रात्रि में भारत द्वारा की गयी कार्रवाई और आतंकवादियों के नौ ठिकानों को ध्वस्त करने की जानकारी अखबार पढ़कर दी. उन्होंने बच्चों से कहा कि मॉक ड्रिल में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वे अपने घरों में भी अभिभावकों को जानकारी दें, ताकि घरों में युद्ध के दौरान आपात स्थिति में अपना बचाव किया जा सके. पटना काॅलेजिएट की छात्राओं ने पाकिस्तान के ऊपर की गयी ””ऑपरेशन सिंदूर ”” का जश्न हाथों में तिरंगा लेकर लेकर भारत के समर्थन में नारे लगाते हुए मनाया. स्कूल का पूरा परिसर भारत माता की जय, जय हिंद की सेना से गुंजायमान हो उठा.

बांकीपुर गर्ल्स हाइस्कूल में भी हुआ आयोजन

शहर के गोलघर के पास स्थित बांकीपुर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में भी बुधवार को मॉक ड्रिल आयोजित कर युद्ध के दौरान छात्राओं को बचने के लिए ट्रेनिंग दी गयी. स्कूल के शिक्षक मुरलीधर शुक्ला ने बच्चों को भारत की सेना के पराक्रम, साहस और शौर्य गाथा को कविता के माध्यम से सुनाया. प्राचार्य किरण कुमारी ने युद्ध के दौरान अपने को कैसे बचाना है इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि युद्ध से कभी घबराना नहीं चाहिए, मौके पर छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में शिक्षक व शिक्षिकाएं मौजूद रहीं.

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