Budget 2026: राष्ट्रीय जनता दल ने केंद्रीय बजट को पूरी तरह दिशाहीन और बिहार के लिए निराशाजनक बताया है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि केंद्र ने वोट तो ले लिए, लेकिन विकास के नाम पर बिहार को एक छोटी फैक्ट्री तक नसीब नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि पटना में जहाज मरम्मत जैसी घोषणाएं केवल दिखावा हैं और धरातल पर इनका कोई महत्व नहीं है.
बिना विशेष राज्य दर्जा के बिहार का विकास संभव नहीं
राजद नेता ने कहा कि बजट में न तो बुजुर्गों को रेल किराए में छूट दी गई और न ही पेंशनधारियों की मांगों को सुना गया. बिहार आज भी साक्षरता और निवेश में पिछड़ा हुआ है, जिसके कारण करोड़ों युवाओं को पलायन करना पड़ रहा है. राजद ने स्पष्ट किया कि जब तक बिहार को विशेष राज्य का दर्जा या विशेष पैकेज नहीं मिलता, तब तक राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है.
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रोहिणी ने भी बजट को बताया निराशाजनक
लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी इस बजट को निराशाजनक बताया. उन्होंने X पर लिखा, “पुराने सामान को नए डिब्बे में नए लेबल के साथ परोसने जैसा ही है बजट. अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोत्तरी कैसे होगी ? इस पर बजट में कोई स्पष्टता नहीं है , डिजिटल कंटेंट क्रिएशन को बढ़ावा देने की बात की गयी है , मगर देश की शिक्षित और गैर-शिक्षित युवा आबादी के लिए यथार्थ में जॉब-क्रिएशन कैसे और किन-किन सेक्टर्स में होगा ? देश के इस सबसे गंभीर मसले पर भी बजट में कोई स्पष्ट रोड- मैप नहीं है. बिहार के लिए बाढ़ प्रबंधन, बाढ़ की रोक थाम, बाढ़ के पश्चात् पुनर्वास की व्यवस्था एवं सिंचाई के संसाधनों के निर्माण विकास के लिए विशेष- पैकेज दिए जाने की बेहद जरूरी और पुरानी मांग के लिए बजटीय प्रावधान का नहीं होना निराशाजनक है.”
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