हाथ का नस काट रहमान सर ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

बीपीएससी 70वीं पीटी को रद्द करने को लेकर गुरु रहमान ने अपने खून से पत्र लिखा है. पत्र में लिखा कि री-एग्जाम कराया जाये.

– पत्र में लिखा री-एग्जाम कराया जाये

– मुझे जेल भेज दें, मैं माफी कभी नहीं मांगूंगा

संवाददाता, पटना

बीपीएससी 70वीं पीटी को रद्द करने को लेकर गुरु रहमान ने अपने खून से पत्र लिखा है. पत्र में लिखा कि री-एग्जाम कराया जाये. खून से लिखे पत्र को उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, सीएम और बीपीएससी अध्यक्ष को भेजा है. रहमान सर ने कहा कि जरूरत पड़ी तो अपनी गर्दन भी काट दूंगा. कुछ दिन पहले बीपीएससी की ओर से मिले नोटिस पर कहा कि मुझे मर जाना कबूल है. लेकिन, मैं बीपीएससी से माफी कभी नहीं मांगूंगा. मुझे जेल भेजना है तो भेज दें, लेकिन मैं बच्चों के हित के लिए मरने तक के लिए तैयार हूं. मैं तो री-एग्जाम की मांग कर रहा हूं और मरते दम तक इसकी मांग जारी रहेगी. गुरु रहमान ने इस तरीके के कदम उठाने के लिए किसी भी छात्र को मना किया है. उन्होंने कहा है कि जब गुरु ने ऐसा कदम उठा लिया तो छात्र ऐसा न करें.

1

3 दिसंबर को 912 सेंटरों पर हुआ था पीटी

बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर को बिहार के 912 सेंटरों पर हुई थी. पटना के बापू परीक्षा परिसर में अभ्यर्थियों ने धांधली का आरोप लगाया था. इसके बाद बापू परीक्षा सेंटर की परीक्षा रद्द कर दी गई थी. आयोग ने 4 जनवरी को एक सेंटर पर फिर से एग्जाम लिया. अभ्यर्थी लगातार मांग कर रहे हैं कि बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा फिर से हो. इसको लेकर अभ्यर्थी गर्दनीबाग पर धरना दे रहे हैं.

प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज की ओर से बीपीएससी 70वीं पीटी री-एग्जाम को लेकर पटना हाइकोर्ट में याचिका दायर की गयी है. इस याचिका पर सुनवाई करते हुए बीपीएससी 70वें पीटी पर रोक लगाने से पटना हाइकोर्ट ने इनकार कर दिया है. हाईकोर्ट ने 30 जनवरी से पहले बीपीएससी को एफिडेविट देने को कहा है. इस मामले में अब 31 जनवरी को अगली सुनवाई होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >