Re-Neet Exam Fraud Case : 3 मई को पेपर लीक होने के कारण नीट 2026 की परीक्षा रद्द कर दी गयी थी. इससे पहले नालंदा से तीन लोगों अवधेश कुमार, पंकज कुमार और अमन कुमार को गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में पावापुरी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सेकंड ईयर का छात्र उज्ज्वल उर्फ राजा बाबू का नाम आया था. इसके बाद फिर अब री नीट एक्जाम में पावापुरी मेडिकल कॉलेज के छात्र रवि उर्फ रविशंकर उर्फ सम्राट का नाम सामने आया है. लखीसराय में री नीट परीक्षा के दौरान गड़बड़ी करते पकड़े गये छात्र ने इसका खुलासा किया. इसकी जांच पुलिस कर रही है.
पावापुरी मेडिकल कॉलेज फिर चर्चा में
नालंदा जिले का पावापुरी मेडिकल कॉलेज एक बार फिर चर्चा में है. नीट परीक्षा में सेंध लगानेवाले गिरोह का सरगना मेडिकल कॉलेज का छात्र रवि उर्फ रविशंकर उर्फ सम्राट बताया जा रहा है. इसका खुलासा री-नीट एक्जाम के दौरान लखीसराय में बायोमैट्रिक व्यवस्था में सेंध लगा कर गड़बड़ी करते पकड़े गये छात्र मंजीत कुमार ने किया. इससे पहले Neet Exam 2026 में पेपर लीक मामले में पावापुरी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के सेकेंड इयर के छात्र उज्ज्वल उर्फ राजा बाबू का नाम आया था. हालांकि, परीक्षा रद्द कर दी गयी थी. इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की थी.
पावापुरी मेडिकल कॉलेज के छात्र रवि ने लाखों रुपये में की थी डील
लखीसराय के कवैया थाना क्षेत्र स्थित हसनपुर उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर रविवार को दो छात्रों को नीट परीक्षा में गड़बड़ी करते पकड़ा गया था. पूछताछ में उसने अपना नाम मंतोष कुमार बताया. वह मधेपुरा का रहने वाला है और न्यू जलपाईगुड़ी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस चौथे वर्ष का छात्र है. जांच में सामने आया कि वह नालंदा निवासी संजीत कुमार की जगह परीक्षा देने पहुंचा था. पूछताछ में मंतोष कुमार ने कई खुलासे किये. उसने बताया कि पूरे फर्जीवाड़े का संचालन पावापुरी मेडिकल कॉलेज के छात्र रवि उर्फ रविशंकर उर्फ सम्राट कर रहा है. संजीत कुमार को परीक्षा में पास कराने के लिए लाखों रुपये का सौदा तय हुआ था.
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मेडिकल छात्र बना ‘स्कॉलर’, मोटी रकम पर हुआ था सौदा
अन्य अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहे युवक विवेक कुमार को गिरफ्तार किया गया था. वह एएन मगध मेडिकल कॉलेज का चौथे वर्ष का एमबीबीएस छात्र है. विवेक कुमार प्रभात अमन नामक अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रहा था. पूछताछ के दौरान उसने अपने सहयोगी अर्पित राज का नाम बताया, जो परीक्षा केंद्र के बाहर उसका इंतजार कर रहा था.
लखीसराय में कैसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा
लखीसराय जिले के 4 केंद्रों पर 21 जून 2026 को नीट पुनर्परीक्षा आयोजित की गई थी. परीक्षा के दौरान मूल परीक्षार्थियों के स्थान पर फर्जी/स्कॉलर परीक्षार्थियों के बैठने की सूचना मिलने पर अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया. इस टीम द्वारा परीक्षा केंद्रों पर की गई गहन जांच-पड़ताल के बाद के आर के कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय एवं उच्च विद्यालय, हसनपुर से गिरफ्तारियां की गईं.
इस गिरोह के अपराध करने का तरीका बेहद शातिर था, जिसमें वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर डमी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश कराया जाता था. इस काम में परीक्षा केंद्र पर तैनात बायोमेट्रिक कर्मियों की सीधी संलिप्तता और सहयोग था. पहचान छिपाने और फर्जीवाड़ा करने के लिए फर्जी दस्तावेज और फर्जी आधार कार्ड बनाकर उसे ही पहचान पत्र के रूप में प्रयोग किया गया था.
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