Khan Sir-Raushan Anand Controversy: खान सर कोचिंग सेंटर विवाद में जेल जाकर जमानत पर बाहर आए रौशन आनंद ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं. एक पॉडकास्ट में उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई. साथ ही गिरफ्तारी से पहले उन्हें धमकी भी दी गई थी. रौशन आनंद ने कहा कि 2 जून की घटना के बाद पूरे मामले में उनके साथ न्याय नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन ने किसी दबाव में आकर कार्रवाई की.
‘तुम्हें सड़क पर भीख मांगने को मजबूर कर देंगे’
रौशन आनंद ने कदमकुआं थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के दौरान एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें धमकाया था. उनके अनुसार, कदमकुआं थानाध्यक्ष ने कहा था कि हम तुमको बर्बाद कर देंगे. तुमको रोड पर भीख मांगने के लिए मजबूर कर देंगे. रौशन आनंद ने कहा कि बाद में घटनाक्रम ऐसा हुआ कि उनका परिवार बिखर गया. उन्होंने दावा किया कि अगर उनकी गिरफ्तारी नहीं होती तो उनके भाई की मौत भी नहीं होती.
‘रात में FIR, सुबह गिरफ्तारी’
रौशन आनंद के मुताबिक 2 जून की रात करीब 10 बजे हुई घटना की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि आधी रात के आसपास उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और सुबह करीब 4 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने कहा कि उन पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान पर गोली चलवाई. जबकि इस आरोप में कोई सच्चाई नहीं थी.
रौशन आनंद का कहना है कि बाद में सामने आए वीडियो ने पूरी कहानी बदल दी. वीडियो में कथित तौर पर फायरिंग करने वाले लोग दिखाई दिए.
‘मुझे झूठे केस में फंसाया गया’
रौशन आनंद ने दावा किया कि उनके खिलाफ दर्ज मामला झूठा था. वहीं खान सर से जुड़े फायरिंग मामले को उन्होंने वास्तविक बताया. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर ही गिरफ्तारी कर जेल भेज दिया गया. जबकि दूसरे पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई की गति अलग रही. रौशन आनंद ने सवाल उठाया कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए.
गिरफ्तारी प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
रौशन आनंद ने अपनी गिरफ्तारी की प्रक्रिया को भी गलत बताया. उन्होंने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 22 गिरफ्तारी के दौरान नागरिकों को कुछ अधिकार देता है. उनका दावा है कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तारी का स्पष्ट कारण नहीं बताया. साथ ही उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर भी नहीं मिला.
उन्होंने यह भी कहा कि उनका निवास आलमगंज थाना क्षेत्र में आता है. जबकि कार्रवाई कदमकुआं थाना पुलिस ने की. उनके अनुसार स्थानीय थाने को सूचना दिए बिना कार्रवाई की गई.
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मेडिकल जांच पर भी लगाए आरोप
रौशन आनंद ने मेडिकल जांच की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने दावा किया कि पहले अस्पताल में जांच के दौरान उनका ब्लड प्रेशर दो बार हाई पाया गया था और उन्हें फिट घोषित नहीं किया गया. इसके बाद उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाया गया. वहां जांच प्रक्रिया को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की.
SSP से जांच कराने की मांग
रौशन आनंद ने पटना एसएसपी से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर पढ़े-लिखे लोगों के साथ ऐसा हो सकता है तो आम लोगों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सभी पुलिसकर्मी गलत नहीं होते. लेकिन उनके मामले में जो कुछ हुआ, उसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है.
क्या है खान सर-रौशन आनंद मामला?
2 जून की रात पटना के मुसल्लहपुर स्थित खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर के बाहर तोड़फोड़, पथराव और गार्ड की पिटाई की घटना हुई थी. इसके बाद खान सर ने ज्ञान बिंदु एकेडमी से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए थे.
अगले दिन पुलिस ने ज्ञान बिंदु एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. बाद में एक वीडियो सामने आया, जिसमें खान सर के दो गार्ड हवा में गोली चलाते दिखाई दिए.
पुलिस ने इस आधार पर अलग एफआईआर दर्ज कर दोनों गार्ड को गिरफ्तार किया. गार्डों ने बयान दिया कि गोली आत्मरक्षा में चलाई गई थी. मामले में फैजल खान उर्फ खान सर को भी आरोपी बनाया गया. फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर अदालत ने रोक लगा रखी है.
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