CM Nitish: सीएम नीतीश से प्रशांत किशोर ने मांगा था यह पद, बिहार चुनाव से पहले JDU MLC का बड़ा दावा

CM Nitish : प्रशांत किशोर बिहार के सभी जिलों में घूम-घूमकर राज्य सरकार पर निशाना साध रहे हैं. वो दावा कर रहे हैं कि इस बार सत्ता परिवर्तन होकर रहेगा. इसी बीच जदयू MLC ने उनको लेकर सनसनीखेज दावा किया है.

CM Nitish : बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी, कांग्रेस, जदयू, राजद, हम, लोजपा, VIP जैसी पार्टियां तैयारियों में जुटी है. पीएम मोदी, अमित शाह, मल्लिकार्जुन खड़गे से लेकर राहुल गांधी तक लगातार बिहार का दौरा कर रहे हैं. चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर भी इस चुनाव में अपना सबकुछ झोंक रहे हैं. गांव-गांव घूमकर वो सभी दलों पर निशाना साध रहे हैं. इसी बीच जदयू पार्षद ने उनपर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाया है.

कुर्सी की राजनीति कर रहे हैं पीके

जदयू विधान पार्षद संजय सिंह ने पटना में एक प्रेस वार्ता के दौरान दावा किया कि पीके कभी जदयू के भीतर उपमुख्यमंत्री पद की मांग कर चुके हैं. उन्होंने कहा, “प्रशांत किशोर सत्ता के भूखे व्यापारी हैं, जिन्हें जनता की नहीं बल्कि पद की चिंता है. नीतीश कुमार ने उन्हें भरपूर सम्मान दिया, लेकिन आज वही उनके खिलाफ बयानबाज़ी कर रहे हैं.”

संजय सिंह ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने तेजी से विकास किया है और अब वह राज्य देश में प्रगति के नए मानक स्थापित कर रहा है. उन्होंने जनसुराज पार्टी को ‘धन बल पर खड़ी निजी दुकान’ तक कह दिया.

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जदयू के उपाध्यक्ष बनाये गए थे पीके

2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की. इसके बाद बीजेपी का ग्राफ लगातार ग्रो कर रहा था. बिहार चुनाव में बीजेपी पीएम मोदी के नेतृव में उतरी लेकिन जदयू-राजद गठबंधन के सामने बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा. इस जीत का काफी श्रेय प्रशांत किशोर को दिया गया था. इसके बाद 2018 में उन्हें जदयू का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया. लेकिन 2020 में उन्होंने पार्टी से नाता तोड़ लिया.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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