Bihar Politics: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने गुरुवार को किशनगंज में नई सरकार पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने वोट नीतीश कुमार के नाम पर दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बना दिया गया. इसे उन्होंने जनता के साथ धोखा बताया.
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी को ‘पिछले दरवाजे से’ मुख्यमंत्री बनाया गया है. उनके मुताबिक यह प्रक्रिया न तो लोकतांत्रिक है और न ही गरिमापूर्ण.
चुनाव में गड़बड़ी के गंभीर आरोप
पीके ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि 202 सीटों का जनादेश लोगों को नकद पैसे बांटकर और चुनाव आयोग की मिलीभगत से हासिल किया गया. हालांकि, इन आरोपों पर किसी आधिकारिक पुष्टि की बात सामने नहीं आई है.
NDA पर वादाखिलाफी का आरोप
उन्होंने कहा कि एनडीए ने चुनाव ‘ 25 से 30, फिर से नीतीश’ के नारे पर लड़ा था, लेकिन अब इससे पीछे हट गया है. प्रशांत किशोर के अनुसार, यह बिहार की जनता के भरोसे के साथ सीधा विश्वासघात है. प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और पुराने रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए. उन्होंने भाजपा के ‘चाल, चरित्र और चेहरा’ के नारे को भी कटघरे में खड़ा किया.
‘रिमोट कंट्रोल से चल रही सरकार’
पीके ने दावा किया कि बिहार की सत्ता का नियंत्रण राज्य में नहीं, बल्कि बाहर से हो रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार का ‘रिमोट कंट्रोल’ केंद्र के बड़े नेताओं के हाथ में है और इससे बिहार के हित प्रभावित हो सकते हैं.
शराबबंदी और बड़े वादों पर भी घेरा
प्रशांत किशोर ने कहा कि सरकार आगे चलकर शराबबंदी कानून में बदलाव कर सकती है, लेकिन सामने से बोलने की हिम्मत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए को अपने बड़े वादों- जैसे रोजगार, पलायन रोकने और शिक्षा सुधार पर काम करना चाहिए.
उन्होंने अपनी पार्टी का जिक्र करते हुए कहा कि जन सुराज को 17 लाख लोगों का समर्थन मिला है, जो भविष्य की राजनीति के लिए एक मजबूत आधार है.
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