PMCH Super Speciality Hospital : पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल यानी पीएमसीएच के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण में देरी को लेकर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने कार्रवाई की है. भवन निर्माण में लापरवाही बरतने वाली सीके कंस्ट्रक्शन एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है. निर्माण कार्य तय समय पर पूरा नहीं होने के बाद अब नई एजेंसी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है.
एचवीएसी और बीएमएस का काम अब भी अधूरा
पीएमसीएच की प्रिंसिपल प्रो. डॉ. गीता सिन्हा के अनुसार, सीके कंस्ट्रक्शन और सीपीडब्ल्यूडी के बीच पिछले महीने बैठक हुई थी. अस्पताल भवन में एचवीएसी सिस्टम और बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम यानी बीएमएस का काम अभी पूरा नहीं हुआ है. इसके अलावा कई तकनीकी और फिनिशिंग से जुड़े कार्य भी लंबित हैं.
200 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा अस्पताल
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत पीएमसीएच में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण कराया जा रहा है. भवन का निर्माण वर्ष 2019 से चल रहा है, लेकिन अब तक अस्पताल पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है. बाहर से भवन लगभग तैयार नजर आता है, जबकि अंदर कई महत्वपूर्ण काम बाकी हैं.
अंदरूनी फिनिशिंग समेत कई तकनीकी काम बाकी
अधिकारियों के अनुसार अस्पताल में इंटरनल फिनिशिंग, एचवीएसी सिस्टम, बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम, मेडिकल गैस पाइपलाइन, बिजली बैकअप समेत कई तकनीकी कार्य अभी पूरे नहीं हुए हैं. हालांकि, बाकी फिनिशिंग कार्यों को तेजी से पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है.
एक साल से बंद पड़े हैं करोड़ों के मेडिकल उपकरण
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत कई मेडिकल उपकरण खरीदे गए थे. इन उपकरणों की खरीद वर्ष 2025 में की गई थी. भवन तैयार नहीं होने के कारण ये उपकरण पिछले करीब एक साल से बॉक्स में बंद रखे हैं.
उपकरणों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे गार्ड तैनात
पीएमसीएच में इन उपकरणों को एक कमरे में सुरक्षित रखा गया है. उनकी सुरक्षा के लिए 24 घंटे गार्ड की तैनाती की गई है. सूत्रों के अनुसार, बॉक्स में बंद उपकरणों की स्थिति की अब तक जांच नहीं की गई है. सभी उपकरण अभी सील पैक स्थिति में रखे हुए हैं.
समय पर इंस्टॉलेशन नहीं हुआ तो हो सकता है नुकसान
पीएमसीएच की प्रिंसिपल डॉ. गीता सिन्हा ने बताया कि मेडिकल उपकरण भवन तैयार होने से पहले ही अस्पताल पहुंच गए थे. निर्माण कार्य लंबित रहने के कारण इनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है. उन्होंने बताया कि मेडिकल उपकरणों की एक निश्चित उपयोग अवधि और तकनीकी वैधता होती है. ऐसे में समय पर इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस नहीं होने पर आर्थिक नुकसान की आशंका रहती है.
अस्पताल शुरू होने पर मिलेंगी सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के शुरू होने के बाद मरीजों को कई विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराने की योजना है. इसमें कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, पीडियाट्रिक और ऑर्थोपेडिक्स समेत नौ सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शामिल हैं.
मॉड्यूलर ओटी से सीटी स्कैन और एमआरआई तक की सुविधा
अस्पताल में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर के साथ अलग-अलग वार्ड के लिए ओटी की सुविधा भी प्रस्तावित है. इसके अलावा सीटी स्कैन, एमआरआई और पैथोलॉजी जैसी जांच सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी. मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए अस्पताल परिसर में अन्य सुविधाओं की भी योजना है.
मल्टीलेवल पार्किंग और रैन बसेरा भी बनेगा
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा प्रस्तावित है. इसके साथ ही मरीजों के परिजनों के लिए रैन बसेरा और वाईफाई जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है.
अब नई एजेंसी से निर्माण पूरा कराने की तैयारी
निर्माण में लगातार देरी के बाद सीपीडब्ल्यूडी ने सीके कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट कर दिया है. अब नई एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपकर अस्पताल भवन के लंबित कार्यों को पूरा कराने की तैयारी है. अस्पताल के जल्द शुरू होने से पीएमसीएच में गंभीर मरीजों को कई महत्वपूर्ण सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं मिलने की उम्मीद है.
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