पटना MSME कार्यालय के कार्यक्रम में खराब भोजन की शिकायत, कैटरिंग एजेंसी जांच के घेरे में

Patna MSME Office : बक्सर में पीएम विश्वकर्मा योजना के एक जागरूकता कार्यक्रम में गुणवत्ताहीन भोजन परोसे जाने की शिकायत सामने आई है. प्रतिभागियों और कारीगरों ने बासी और अधपके खाने की शिकायत की है. इस मामले में कैटरिंग एजेंसी के अनुबंध की जांच और कार्रवाई की मांग की गई है.

Patna MSME Office : सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विकास कार्यालय, पटना के तत्वावधान में 12 सितंबर को बक्सर में आयोजित पीएम विश्वकर्मा जागरूकता कार्यक्रम में प्रतिभागियों और कारीगरों को गुणवत्ताहीन भोजन परोसे जाने की शिकायत सामने आई है. शिकायतकर्ता ने कार्यक्रम के लिए खान-पान सेवा उपलब्ध कराने वाली एजेंसी पर अनुबंध में तय मानकों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है.

बासी और अधपका भोजन परोसने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बासी, अधपका और स्वादहीन भोजन दिया गया. भोजन तैयार करने के स्थान और व्यवस्था को लेकर भी अस्वच्छता का आरोप लगाया गया है. शिकायतकर्ता के अनुसार, कैटरिंग एजेंसी ने अनुबंध में निर्धारित मेन्यू और भोजन की गुणवत्ता से जुड़े मानकों का भी पालन नहीं किया.

लाभार्थियों और अतिथियों में असंतोष की बात

शिकायत के मुताबिक, भोजन की गुणवत्ता को लेकर पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों, कारीगरों और कार्यक्रम में शामिल अतिथियों में असंतोष देखा गया. इसे लेकर संबंधित व्यवस्था और कैटरिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं.

जेम के माध्यम से दिए गए अनुबंध की जांच की मांग

शिकायतकर्ता ने एमएसएमई विकास कार्यालय, पटना के प्रशासन अनुभाग की ओर से जेम (GeM) के माध्यम से दिए गए कैटरिंग अनुबंध की जांच कराने की मांग की है. इसके साथ ही भोजन की आपूर्ति, तय मेन्यू, गुणवत्ता मानकों और एजेंसी के काम की निगरानी से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच का आग्रह किया गया है.

अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग

शिकायत में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की गई है. हालांकि, अधिकारियों की मिलीभगत और किसी तरह के लेन-देन से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में इन आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.

एजेंसी के बकाया भुगतान पर रोक की मांग

शिकायतकर्ता ने कैटरिंग एजेंसी के बकाया बिलों के भुगतान पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. साथ ही तीन कार्यदिवस के भीतर एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने और जांच में आरोप सही पाए जाने पर एजेंसी को प्रतिबंधित करने का सुझाव दिया गया है.

स्थानीय निरीक्षण समिति बनाने का सुझाव

भविष्य में सरकारी कार्यक्रमों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर ऐसी शिकायतें सामने नहीं आएं, इसके लिए शिकायतकर्ता ने स्थानीय स्तर पर निरीक्षण समिति गठित करने का सुझाव दिया है. समिति को कार्यक्रम के दौरान भोजन की गुणवत्ता, मात्रा, मेन्यू और स्वच्छता व्यवस्था की जांच की जिम्मेदारी देने की मांग की गई है.

अनुबंध में कड़े दंड प्रावधान की मांग

शिकायत में कैटरिंग एजेंसियों के साथ होने वाले अनुबंध में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन पर कड़े दंड का प्रावधान शामिल करने की मांग भी की गई है. इससे एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और सरकारी कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है.

क्या है पीएम विश्वकर्मा योजना

पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन, टूलकिट सहायता और अन्य सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है. बक्सर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम भी इसी योजना से जुड़े प्रतिभागियों और कारीगरों के लिए आयोजित किया गया था.

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By सुबोध कुमार नंदन

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