PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाभुकों के चयन में अब एक और बड़ा बदलाव किया गया है. बिहार में किए गए सर्वे के आधार पर करीब 1.04 करोड़ परिवारों की सूची तैयार की गई है, लेकिन अब इस सूची की AI तकनीक से जांच होगी.
ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, सर्वे के दौरान ही आधुनिक सॉफ्टवेयर और AI तकनीक का इस्तेमाल किया गया था. इस प्रक्रिया में लाभुकों की ऑन स्पॉट फोटो और उनके मकान की तस्वीर ली गई थी, जिसे सीधे भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड किया गया.
40 लाख लोग पहले ही हुए अयोग्य
फिजिकल वेरीफिकेशन के दौरान बड़ा खुलासा हुआ. 1.04 करोड़ में से करीब 40 लाख लोगों को अयोग्य पाया गया. यानी बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी सूची में शामिल थे जो योजना के पात्र नहीं थे.
अब AI करेगा दोबारा सत्यापन
अब भारत सरकार इस पूरी सूची को AI के जरिए फिर से जांचेगी. पोर्टल पर मौजूद डेटा का मिलान कर यह देखा जाएगा कि कौन वास्तव में पात्र है और कौन नहीं. अधिकारियों का कहना है कि AI बहुत सख्ती से जांच करता है और छोटी-सी गलती को भी पकड़ सकता है. ऐसे में कई और नाम सूची से बाहर हो सकते हैं.
एक बार फिर होगा फिजिकल वेरिफिकेशन
AI जांच के बाद भी सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. इसलिए एक बार फिर भौतिक सत्यापन कराया जाएगा, ताकि कोई भी सही लाभुक छूट न जाए.
फाइनल सूची के बाद मिलेगा लाभ
AI और फिजिकल वेरिफिकेशन दोनों प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लाभुकों की अंतिम सूची जारी की जाएगी. इसके बाद ही लोगों को योजना का लाभ मिलेगा. हालांकि, AI के जरिए जांच कब शुरू होगी, इसकी अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है.
सरकार अब योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए AI का सहारा ले रही है. इसका मकसद साफ है कि सिर्फ असली जरूरतमंदों तक ही आवास योजना का लाभ पहुंचे.
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