बिहार में शिक्षा और रोजगार को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर पिछले 18 दिनों से छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं. PhD होल्डर्स, रिसर्च स्कॉलर्स, गेस्ट फैकल्टी, BPSC TRE-4, BPSC 17वीं और लाइब्रेरियन अभ्यर्थी अपनी-अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. अब आंदोलनकारियों ने 26 हजार PhD होल्डर्स और रिसर्च स्कॉलर्स के साथ राजभवन मार्च का ऐलान किया है. वहीं 25 अगस्त को CM हाउस घेराव की भी चेतावनी दी गई है.
18वें दिन भी सरकार की ओर से बातचीत नहीं
गर्दनीबाग में आमरण अनशन पर बैठे छात्रों का कहना है कि आंदोलन को 18 दिन हो चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है. छात्रों के अनुसार उनके साथी कुमुद पटेल की तबीयत लगातार बिगड़ रही है, इसके बावजूद सरकार की ओर से बातचीत के लिए कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा.
26 हजार PhD स्कॉलर राजभवन मार्च में होंगे शामिल
ऑल PhD होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स की ओर से दावा किया गया कि बिहार में करीब 26 हजार PhD होल्डर्स, रिसर्च स्कॉलर्स और गेस्ट फैकल्टी हैं. आंदोलनकारियों का कहना है कि विभिन्न संगठनों के समर्थन से बड़ी संख्या में लोग राजभवन मार्च में शामिल होंगे.
UGC नियम और डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग
PhD स्कॉलर्स ने UGC Regulation 2018 के प्रावधानों को लागू करने, उम्र सीमा समेत भर्ती से जुड़ी मांगों और बिहार में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग उठाई है. आंदोलनकारियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों पर केवल आश्वासन दे रही है, लेकिन ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा.
BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों ने परीक्षा धांधली पर उठाए सवाल
धरना स्थल पर BPSC TRE-4 के अभ्यर्थियों ने परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के मुद्दे पर सवाल उठाए. छात्रों का आरोप है कि आंदोलनों में शामिल छात्रों की पहचान करने और कार्रवाई करने में प्रशासन तेजी दिखाता है, लेकिन परीक्षा में कथित अनियमितताओं के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.
BPSC 17वीं परीक्षा को रद्द करने की मांग
आंदोलन में शामिल BPSC 17वीं के अभ्यर्थियों ने परीक्षा में कथित धांधली का आरोप लगाते हुए इसे रद्द करने की मांग की. उनका कहना है कि जब परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं, तो सरकार को इस मामले में स्पष्ट फैसला लेना चाहिए.
18 साल से भर्ती का इंतजार कर रहे लाइब्रेरियन अभ्यर्थी
धरना स्थल पर लाइब्रेरियन अभ्यर्थी भी अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि वे करीब 18 वर्षों से वैकेंसी का इंतजार कर रहे हैं. उनका आरोप है कि चुनाव के समय रोजगार के वादे किए जाते हैं, लेकिन स्थायी नियुक्ति को लेकर ठोस पहल नहीं होती.
25 अगस्त को CM हाउस घेराव की चेतावनी
छात्र संगठनों ने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है. 26 हजार PhD स्कॉलर्स के राजभवन मार्च के साथ 25 अगस्त को CM हाउस घेराव की भी चेतावनी दी गई है. छात्रों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना उनका अधिकार है.
अब सरकार के सामने बड़ा सवाल
पटना के गर्दनीबाग में हजारों छात्र सड़क पर रात गुजारकर अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं. शिक्षा, रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा में कथित धांधली जैसे मुद्दों को लेकर चल रहे इस आंदोलन के बीच अब देखना होगा कि सरकार छात्रों से बातचीत करती है या आंदोलन आगे और बड़ा रूप लेता है.