Patna Student Protest: पटना में छात्रों और पुलिस के बीच जमकर हंगामा हुआ. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के आह्वान पर हजारों छात्र प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक 2026, नीट पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में लोकभवन मार्च निकालने निकले थे. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. इस दौरान गुस्साए छात्रों ने रास्ते में लगे बीजेपी के कई होर्डिंग्स फाड़ डाले और बैरिकेट तोड़ डाले.
गांधी मैदान से डाकबंगला तक पुलिस और छात्रों में जोरदार झड़प
प्रदर्शन की शुरुआत में ही स्थिति तनावपूर्ण हो गई. गांधी मैदान के गेट नंबर 12 पर पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर छात्रों को रोकने का प्रयास किया. लेकिन आक्रोशित छात्र बैरिकेड्स पर चढ़ गए और उन्हें तोड़ने की कोशिश करने लगे.
जब छात्र पुलिस की बात मानने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए वाटर कैनन की बौछारों का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज कर दिया. इस कार्रवाई के बाद छात्र और अधिक उग्र हो गए और कई जगहों पर पुलिसकर्मियों के साथ तीखी झड़प हुई.
CRPF और BSF की तैनाती
गांधी मैदान से आगे बढ़ते हुए छात्र डाकबंगला चौराहे पर पहुंच गए, जहां माहौल बेहद गंभीर हो गया. उग्र प्रदर्शनकारियों ने पटना आईजी की एस्कॉर्ट गाड़ी पर हमला कर दिया, जिससे वाहन के शीशे टूट गए और गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई.
हालात को बेकाबू होते देख डाकबंगला चौराहे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई और पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बलों CRPF और BSF को भी मौके पर तैनात करना पड़ा. सुरक्षा के मद्देनजर डाकबंगला चौराहे के आसपास की ज्यादातर दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान आनन-फानन में बंद करा दिए गए.
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आईसा ने की शांति की अपील
हंगामे के बीच एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों से शांति की अपील की और कहा कि उनका कोई प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए आगे आए, लेकिन उग्र छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं थे. इस प्रदर्शन में पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु शेखर भी शामिल हुए.
आइसा के मुख्य आयोजक लगातार छात्रों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का आग्रह कर रहे थे, लेकिन गुस्साए छात्रों का कब्जा लंबे समय तक पटना की मुख्य सड़कों पर बना रहा और पुलिस स्थिति को संभालने में जुटी है.
