50 लाख खर्च कर चमकाया गया पटना का क्रूज, दीघा से मीनार घाट तक चलेगा, 40 मिनट का सफर होगा

Patna: पटना में गंगा नदी पर एक बार फिर रिवर क्रूज सेवा शुरू हो गई है. दीघा घाट से मीनार घाट तक चलने वाला रो-पैक्स क्रूज अब रोज शाम पर्यटकों को 40 मिनट का शानदार सफर कराएगा. मरम्मत और तकनीकी जांच के बाद लौटे इस जलयान से पर्यटन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.

Patna: बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी पर सैर का मजा अब फिर से लिया जा सकता है. दीघा घाट से रो-पैक्स क्रूज का संचालन दोबारा शुरू हो गया है. यह क्रूज दीघा घाट से मीनार घाट तक चलता है और लोगों को गंगा के बीचों-बीच शानदार नजारा दिखाता है. इसका संचालन बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है.

क्रूज के इंचार्ज कैप्टन राहुल ने बताया कि फिलहाल इसका संचालन शाम के समय हो रहा है. अभी लोगों को इसकी ज्यादा जानकारी नहीं है, इसलिए घाट पर यात्री आने के बाद ही इसे चलाया जाता है. आने वाले दिनों में घाट पर कैंटीन की सुविधा भी शुरू की जाएगी, ताकि पर्यटकों को और बेहतर अनुभव मिल सके.

जानिए सबकुछ

क्रूज पर सफर करने के लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपये का टिकट रखा गया है. इस टिकट में करीब 40 मिनट का आना-जाना शामिल है. यात्री दीघा घाट से मीनार घाट तक गंगा के शांत बहाव के बीच पटना की खूबसूरती और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देख सकते हैं. करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाला यह क्रूज सफर को आरामदायक और यादगार बनाता है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

सभी जांच के बाद पटना लाया गया

यह क्रूज कुछ महीने पहले मरम्मत के लिए कोलकाता के ड्राई डॉक सेंटर भेजा गया था. करीब 50 लाख रुपये खर्च कर इसे आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है. पांच साल में एक बार ड्राई डॉकिंग जरूरी होती है, ताकि इंजन, ढांचे और सुरक्षा सिस्टम की पूरी जांच हो सके. सभी जांच पूरी होने के बाद ही इसे पटना लाया गया.

करीब 300 यात्रियों की क्षमता वाला यह अत्याधुनिक जलयान पर्यटकों के लिए खास आकर्षण है. स्वामी परमहंस नाम का यह क्रूज केंद्र सरकार की ओर से पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार को दिया गया था. अब इसकी वापसी से पटना में रिवर क्रूज पर्यटन को नई पहचान और रफ्तार मिलने की उम्मीद है. निजी कार्यक्रमों के लिए भी इसकी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है, जिसका किराया एक घंटे के लिए 30 हजार रुपये से शुरू होकर आठ घंटे के लिए डेढ़ लाख रुपये तक है.

इसे भी पढ़ें: सुल्तानगंज का नाम बदलने की तैयारी तेज, अब अजगैबीनाथ धाम के नाम से जाना जाएगा शहर

17 अप्रैल से शुरू होगी स्व-गणना, मोबाइल ऐप के जरिए खुद दे सकेंगे अपनी जानकारी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >