Patna Protest Reservation: पटना में दलित संगठन के लोग बड़ी संख्या में सड़क पर उतरे. प्रदर्शनकारियों की ओर से 'आरक्षण बढ़ाओ, संविधान बचाओ' आंदोलन किया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर के पास पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग की गई थी. लेकिन उन्होंने बैरिकेडिंग पर चढ़कर जमकर नारेबाजी की. इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ भी गए. साथ ही कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने डिटेन भी किया है.
ये हैं प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से लोकभवन मार्च तक प्रदर्शन करने वाले थे. प्रमुख मांगों में एससी/एसटी, ईबीसी/ओबीसी को बिहार में 65 प्रतिशत आरक्षण, निजी क्षेत्र और न्यापालिका में आरक्षण, नौवीं अनुसूची में आरक्षण, दलित हत्याओं पर रोक, पीड़ितों को न्याय, ठेकेदारी में 50 प्रतिशत आरक्षण, आरक्षण का दायरा बढ़ाकर 65 प्रतिशत किए जाने समेत कई मांगें की गईं.
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पोस्टर-बैनर लेकर सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर सड़क पर उतरे थे. उन पोस्टर पर लिखा था- सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण लागू करो, जो दलितों से टकराएगा... चूर-चूर हो जाएगा. इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान कई नारे भी लगाए. कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने डिटेन किया है. समिति के संयोजक अमर आजाद को पुलिस ने डिटेन किया.
हाई अलर्ट मोड में रही पुलिस
जानकारी के मुताबिक, पटना में प्रदर्शन को लेकर पुलिस पहले से ही हाई अलर्ट में मोड थी. जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी. 23 थानेदारों को डाकबंगला चौराहे पर तैनात किया गया था. इसके अलावा 9 ASP-DSP समेत लगभग 400 पुलिसकर्मियों को तैनाती की गई थी. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दलित IAS-IPS कुछ भी बन जाए लेकिन उनकी जाति के नाम से उन्हें प्रताड़ित किया जाता है.
