Patna News: (आनंद तिवारी की रिपोर्ट)
पटना में 16 वर्षीय अमन गुप्ता की सड़क हादसे के बाद हुई मौत ने अब गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. परिजनों ने आरोप लगाया है कि समय पर इलाज नहीं मिलने और अधिक खून बहने के कारण किशोर की जान गई, जबकि अस्पताल प्रशासन ने प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण शॉक हेमरेज बताया है. मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है.
शॉक हेमरेज को बताया गया मौत का कारण
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमन गुप्ता की मौत का प्रारंभिक कारण शॉक हेमरेज बताया गया है. चिकित्सकों के अनुसार दुर्घटना में उसका बायां पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे रक्त वाहिकाएं फट गईं और लगातार अत्यधिक रक्तस्राव होता रहा. समय पर उपचार न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा साबित हुई.
परिजनों का आरोप: इलाज में हुई देरी
परिजनों का आरोप है कि घायल अमन को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिली. वह लंबे समय तक एंबुलेंस में ही पड़ा रहा, जबकि उसके शरीर से लगातार खून बह रहा था. परिजनों का कहना है कि अगर समय पर इलाज शुरू हो जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी.
PMCH की पांच सदस्यीय जांच टीम सक्रिय
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर पीएमसीएच प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है. समिति ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और उस समय ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों व कर्मचारियों की सूची मांगी है. इसके साथ ही ड्यूटी रोस्टर और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच शुरू कर दी गई है.
डॉ. मीनू शरण की अध्यक्षता में हो रही जांच
जांच समिति का नेतृत्व स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मीनू शरण कर रही हैं. टीम ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण शुरू कर दिया है और जल्द ही संबंधित डॉक्टरों, कर्मचारियों और अन्य स्टाफ से पूछताछ की जाएगी.
7 दिनों में रिपोर्ट देने का निर्देश
पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि जांच समिति को सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. समिति यह तय करेगी कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या सुधार जरूरी हैं.
हादसे का पूरा घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार अमन गुप्ता जेपी गंगा पथ पर साइकिल चला रहा था, तभी एक अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी और चालक फरार हो गया. उसके बाएं पैर और सिर में गंभीर चोटें आईं. परिजनों के अनुसार वह काफी देर तक एंबुलेंस में ही पड़ा रहा और बाद में पीएमसीएच पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
जांच के घेरे में इलाज की प्रक्रिया
इस मामले में अब सबसे बड़ा सवाल इलाज में हुई कथित देरी और अस्पताल पहुंचने के बाद की प्रक्रिया पर उठ रहा है. जांच टीम इसी पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है.
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