Patna News: ग्रामीण विकास मंत्री सह जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने जमीयत उलेमा के समाज सुधार जलसे में कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है, जहां जलवायु परिवर्तन को लेकर गंभीर पहल करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘जल-जीवन-हरियाली’ योजना की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के शुरुआती कार्यकाल में बिहार में हरियाली मात्र 9 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर करीब 16 प्रतिशत तक पहुंच गई है. इस अभियान के तहत राज्य में लगभग 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं.
वर्ष में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए: मंत्री
मंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों के जन्मदिन और माता-पिता की पुण्यतिथि पर हर वर्ष कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए, ताकि पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाया जा सके. वे रविवार को पटना स्थित एएन सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान के सेमिनार हॉल में जमीयत उलेमा-ए-हिन्द द्वारा आयोजित ‘समाज सुधार संगोष्ठी’ को संबोधित कर रहे थे.
स्वतंत्रता आंदोलन में जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की भूमिका अहम
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिन्द ने हमेशा सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया है. शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में संस्था का योगदान सराहनीय रहा है. उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भी संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है.
शराबबंदी पर की नीतीश कुमार की तारीफ
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जमीयत उलेमा-ए-हिन्द समाज सुधार के लिए कार्य कर रही है, उसी तरह बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्ण शराबबंदी लागू कर गरीबों, मजदूरों और युवाओं को नशे की बुराइयों से बचाने का प्रयास किया. इसके साथ ही दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी ठोस कदम उठाए गए हैं.
कार्यक्रम में कई गणमान्य रहें उपस्थित
कार्यक्रम में नई दिल्ली स्थित जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के सचिव मौलाना सैयद अजहर मदनी, बिहार जमीयत उलेमा के अध्यक्ष मौलाना बदर अहमद मुजीबी, महासचिव मौलाना मोहम्मद अब्बास कासमी, सचिव डॉ. फैज अहमद कादरी और बिहार विधान परिषद सदस्य डॉ. खालिद अनवर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
