Patna News:(अजीत कुमार की रिपोर्ट) इमारत ए शरिया की ओर से जारी बयान में बिहार, ओडिशा, झारखंड एवं पश्चिम बंगाल के अमीर-ए-शरीयत मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी ने ईद-उल-अज़हा के मौके पर मुसलमानों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि इस्लाम की रहमत केवल मुसलमानों के लिए नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए है.
उन्होंने कहा कि ईद-उल-अज़हा हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी, सब्र और अल्लाह के प्रति समर्पण की याद दिलाती है. यह त्योहार त्याग, अनुशासन, सेवा, भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी का पैगाम देता है.
हज़रत अमीर-ए-शरीयत ने कहा कि कुर्बानी के दौरान साफ-सफाई और कानून व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए. कुर्बानी के अवशेषों को सार्वजनिक स्थानों पर नहीं फेंका जाए और स्थल की तुरंत सफाई सुनिश्चित की जाए.
कुर्बानी इबादत है, दिखावा या तमाशा न बनाया
हज़रत अमीर-ए-शरीयत ने कहा कि कुर्बानी इबादत है, इसलिए इसे दिखावा या तमाशा न बनाया जाए. सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो साझा करने से बचना चाहिए ताकि किसी तरह की गलतफहमी या सामाजिक तनाव पैदा न हो.
उन्होंने लोगों से अपील की कि कुर्बानी के मांस में गरीबों, जरूरतमंदों, विधवाओं और अनाथों का खास ख्याल रखें. साथ ही कुर्बानी की खाल मदरसों और धर्मार्थ संस्थाओं को देने की अपील की.
इसे भी पढ़ें: दरभंगा से बक्सर तक बिछेगा सड़कों का जाल, जमीन अधिग्रहण के नियमों में हुआ बदलाव, नई मुआवजा नीति लागू
