Patna News: (आनंद तिवारी) पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में डॉक्टरों ने एक 4 वर्षीय बच्चे की जान बचाई. बताया जा रहा है कि खेलते समय बच्चा मक्के का दाना निगल गया था, जो उसकी सांस की नली (ट्रेकिआ/ब्रोंकस) में फंस गया, जिससे उसे अचानक सांस लेने में दिक्कत, लगातार खांसी और आवाज में बदलाव होने लगा.
परिजन तुरंत लेकर पहुंचे IGIMS
बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत IGIMS लेकर पहुंचे. जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि मक्के का दाना सांस की नली में फंसा हुआ है. इसके बाद तुरंत मेडिकल टीम ने इलाज की प्रक्रिया शुरू की.
ऑपरेशन से सुरक्षित निकाला गया दाना
बाल शल्य चिकित्सा विभाग की टीम ने ब्रोंकोस्कोपी तकनीक की मदद से मक्के के दाने को सफलतापूर्वक निकाल लिया. इस टीम का नेतृत्व प्रो. डॉ. विनीत कुमार ठाकुर ने किया, जबकि डॉ. रोहित और डॉ. विवेक रंजन भी इस प्रक्रिया में शामिल रहे.
समय पर इलाज से बची बच्चे की जान
डॉक्टरों के अनुसार समय पर उपचार मिलने के कारण बच्चे की जान बच गई और उसकी स्थिति अब पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है. चिकित्सकों ने कहा कि ऐसी स्थिति बेहद गंभीर और जानलेवा हो सकती है.
डॉक्टरों ने दी चेतावनी, छोटे बच्चों का रखें विशेष ध्यान
डॉ. विवेक कुमार ने बताया कि मक्का के मौसम में बच्चे अक्सर खेलते-खेलते छोटे दाने जैसे मक्का, मूंगफली और चना सांस की नली में खींच लेते हैं. इससे सांस लेने में गंभीर समस्या हो सकती है. डॉक्टरों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को खाते समय विशेष सावधानी बरतें और किसी भी परेशानी पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें.
IGIMS प्रशासन ने टीम की सराहना की
इस सफल उपचार पर IGIMS के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार, उपनिदेशक डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने पूरी मेडिकल टीम की सराहना की और इसे संस्थान की बड़ी उपलब्धि बताया.
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