Patna News: (हिमांशु देव की रिपोर्ट) बिहार अब केवल अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण और मीडिया शिक्षा के एक नए केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है. राज्य सरकार की नई फिल्म प्रोत्साहन नीति, मुफ्त प्रशिक्षण व छात्रवृत्ति योजनाओं से स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में करियर बनाने के सुनहरे अवसर मिल रहे हैं. प्रतिभाओं को निखारने के लिए बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम द्वारा अब तक 41 प्रतिभाशाली छात्रों को 28 लाख रुपये की स्कॉलरशिप दी गई है, जिससे 22 छात्र एफटीआइआइ पुणे और 19 छात्र एसआरएफटीआइ कोलकाता जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फिल्म की बारीकियां सीख रहे हैं. इसके साथ ही, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में स्नातक पास युवाओं के लिए 5 महीने का मुफ्त फिल्म मेकिंग कोर्स भी चलाया जा रहा है.
52 में से 48 फिल्मों की शूटिंग बिहार में पूरी
सरकार की नयी व्यवस्था के तहत यदि कोई निर्माता अपनी फिल्म की 75 प्रतिशत शूटिंग बिहार में करता है, तो उसे अधिकतम चार करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है. इस नीति के तहत अब तक कुल 52 फिल्मों को शूटिंग की अनुमति दी जा चुकी है, जिनमें से 48 फिल्मों की शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी भी हो चुकी है. इससे स्थानीय होटलों, परिवहन व पर्यटन व्यवसाय को सीधा फायदा मिल रहा है.
350 से अधिक कलकारों ने कराया रजिस्ट्रेशन
फिल्म निर्माण को पारदर्शी बनाने के लिए शुरू किए गए डिजिटल पोर्टल पर अब तक 350 से अधिक स्थानीय कलाकारों और 11 से ज्यादा बड़े वेंडरों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है. इस व्यवस्था से निर्माताओं को अभिनय, निर्देशन, कैमरा, स्टूडियो और सुरक्षा जैसी तमाम जरूरी सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही आसानी से उपलब्ध हो रही हैं.
