Patna News : पटना नगर निगम को सेबी से पंजीकृत क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग एंड रिसर्च ने ‘एए’ रेटिंग दी है. यह रेंटिंग निगम की मजबूत होती वित्तीय स्थिति, नियमित राजस्व संग्रह, आय के स्थायी स्रोत तथा वित्तीय दायित्वों को समय पर पूरा करने की क्षमता के आधार पर यह रेटिंग दी गयी है. फायनेंशियल मैनेजमेंट में पारदर्शिता व अनुशासन के साथ राजस्व संग्रह में लगातार सुधार को भी रेटिंग में महत्वपूर्ण माना गया है.
बॉन्ड जारी करने से पहले क्रेडिट रेटिंग जरूरी
मालूम हो कि नगर निगम की ओर से करीब 200 करोड़ रुपये का म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने का प्रस्ताव है. म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने से पहले क्रेडिट रेटिंग अहम होती है. रेटिंग एजेंसी नगर निकाय की वित्तीय स्थिति, राजस्व जुटाने की क्षमता, वित्तीय प्रबंधन और भविष्य में ब्याज तथा मूलधन चुकाने की क्षमता का स्वतंत्र आकलन करती है. इसी आकलन के आधार पर नगर निगम को रेटिंग मिली है.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में अब कराया जायेगा सूचीबद्ध
रेटिंग मिलने के बाद नगर निगम म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने की दिशा में आगे की प्रक्रियाएं पूरी करेगा. इसके तहत प्राइवेट प्लेसमेंट मेमोरेंडम (पीपीएम) दाखिल करना, जरूरी नियामकीय मंजूरियां लेना, बॉन्ड की संरचना तैयार करना, निवेशकों तक पहुंच बनाना तथा बॉन्ड जारी और आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी की जायेगी. इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद प्रस्तावित बॉन्ड को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध करने की योजना है.
जानिए क्या होता है क्रेडिट रेटिंग
क्रेडिट रेटिंग किसी संस्था की वित्तीय मजबूती दर्शाती है. एएए सबसे मजबूत, एए बहुत मजबूत और ए अच्छी भुगतान क्षमता का प्रतीक है, जबकि बीबीबी मध्यम स्थिति दिखाती है. दूसरी ओर, बीबी और बी रेटिंग में वित्तीय जोखिम अधिक होता है. सी रेटिंग भुगतान में बड़ी परेशानी की आशंका जताती है, वहीं डी रेटिंग का अर्थ डिफॉल्ट होता है.
