पटना के रिहायशी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियों पर निगम सख्त, तीन नोटिस के बाद मकान हो सकता है सील

पटना नगर निगम ने रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है. अब ऐसे मकान मालिकों को तीन बार नोटिस भेजा जाएगा, जिसके बाद भी जवाब न मिलने पर मकान सील कर दिया जाएगा.

Patna municipal corporation: राजधानी के रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति कमर्शियल गतिविधियां चलाने वालों पर पटना नगर निगम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. नगर निगम अब ऐसे घरों और भवनों की पहचान कर उनके मालिकों को तीन बार नोटिस भेजेगा. तीन बार नोटिस दिये जाने के बाद भी संबंधित मकान मालिक अंचल कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष या जवाब दर्ज नहीं कराते हैं, तो निगम प्रशासन की ओर से मकान को सीधे सील किया जा सकता है. फिलहाल 75 फीसदी से अधिक लोगों को नोटिस भेजा जा चुका है. सुप्रीम कोर्ट के हालिया मामले को लेकर निगम प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है.

नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने सभी अंचलों के कार्यपालक अधिकारियों को मामलों की नियमित सुनवाई करने और उनका जल्द से जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया है. राजधानी के रिहायशी इलाकों में प्रॉपर्टी आइडी के आधार पर 26 हजार 745 कमर्शियल गतिविधियां चिन्हित की गयी हैं.

टैक्स के दायरे से बाहर चल रही गतिविधियां भी होंगी चिन्हित

शहर के रिहायशी इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों को चिह्नित करने के लिए पटना नगर निगम विशेष टीम गठित कर रहा है. यह टीम घर-घर जाकर स्थिति का जायजा लेगी और नया फिजिकल वेरिफिकेशन करेगी.

दरअसल, कई लोग अपने स्तर पर सेल्फ असेसमेंट कराकर कमर्शियल टैक्स दे रहे हैं, जबकि कई लोग केवल होल्डिंग टैक्स दे रहे हैं और उनके मकानों में दुकानें, दफ्तर या अन्य कमर्शियल गतिविधियां चल रही हैं. ऐसे कई मामले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत शुरुआती सूची में शामिल नहीं हो पाये थे. अब फील्ड सर्वे के जरिये ऐसे सभी मकानों को चिह्नित किया जाएगा. इसके बाद उन्हें नियमानुसार टैक्स के दायरे में लाते हुए कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा.

अंचल स्तर पर सुनवाई, अनुपस्थित रहने पर सीलिंग

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आलोक में शुक्रवार से अंचल स्तर पर सुनवाई शुरू कर दी गयी है. जारी नोटिस के आधार पर संपत्तिधारकों को अंचल कार्यालय में आकर अपना पक्ष रखने का मौका दिया जा रहा है.

कंकड़बाग अंचल में सुनवाई के पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. अंचल में कार्यपालक अधिकारी निखिल कुमार ने संपत्तिधारकों की समस्याएं सुनीं और अगली तारीख दी. इस अंचल में पहले ही दिन 221 नोटिस दर्ज किये गये. वहीं, शनिवार को करीब 190 नोटिस का जवाब देने के लिए लोग बांकीपुर अंचल पहुंचे.

निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संपत्तिधारकों को अपना पक्ष रखने के लिए तीन बार मौका मिलेगा. इसके बावजूद उपस्थित नहीं होने वाले संपत्तिधारकों के मकानों पर सीलिंग की कार्रवाई की जायेगी.

मामलों को बेवजह लंबित नहीं रखने का निर्देश

नगर निगम प्रशासन का उद्देश्य रिहायशी कॉलोनियों में स्वीकृत नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराना है. नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्राप्त आपत्तियों और दस्तावेजों की गहन जांच कर मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए. प्रक्रिया को बेवजह लंबित नहीं रखा जाएगा.

नगर निगम ने मकान मालिकों से अपील की है कि वे समय पर अंचल कार्यालय पहुंचकर अपना स्पष्टीकरण दें, ताकि सीलिंग जैसी कार्रवाई से बचा जा सके और रिहायशी इलाकों की व्यवस्था बनी रहे.

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लेखक के बारे में

By हिमांशु देव

हिमांशु देव सितंबर 2023 से पटना में प्रभात खबर से जुड़कर प्रिंट और डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. कला, साहित्य-संस्कृति, नगर निगम और स्मार्ट सिटी से जुड़ी खबरों पर प्रमुखता से काम किया है. महिला, युवा और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना प्राथमिकता में शामिल है. व्यक्तिगत तौर पर किताबें पढ़ना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है.

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