पटना: आंगनबाड़ी केंद्र पर दबंगों का कब्जा, गोशाला में तब्दील हुआ भवन; ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

पटना जिले के मनेर प्रखंड के बलुआ गांव में आंगनबाड़ी केंद्र भवन वर्षों से अतिक्रमण का शिकार है और उस पर कब्जा कर गोशाला बना दी गई है। ग्रामीणों ने मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

Patna Anganwadi center: सरकार जहां शिक्षा और पोषण योजनाओं को मजबूत करने में जुटी है, वहीं पटना जिले के मनेर प्रखंड अंतर्गत बलुआ पंचायत के बलुआ गांव में आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति बदहाल बनी हुई है. गांव में बना आंगनबाड़ी केंद्र भवन वर्षों से अतिक्रमण का शिकार है और कुछ लोगों ने उस पर कब्जा कर उसे गोशाला में तब्दील कर दिया है. ग्रामीणों का आरोप है कि भवन में मवेशी बांधे जाते हैं और विरोध करने पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, बलुआ गांव में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भवन का निर्माण काफी पहले कराया गया था, लेकिन लंबे समय से यह भवन केंद्र संचालन के लिए उपयोग में नहीं है. भवन पर कुछ दबंग लोगों का कब्जा है, जिसके कारण वहां गाय-भैंस बांधी जा रही हैं. भवन परिसर में गोइठा और उपले भी रखे गए हैं, जिससे यह पूरी तरह गौशाला जैसा नजर आता है.

ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण संबंधित सेविका अपने घर के समीप केंद्र का संचालन करने को मजबूर हैं. इससे बच्चों और महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं पर भी असर पड़ रहा है. स्थानीय समाजसेवियों ने कई बार भवन को अतिक्रमण मुक्त कराकर केंद्र शुरू कराने की कोशिश की, लेकिन उन्हें विरोध और विवाद का सामना करना पड़ा.

मरम्मत के बाद भी नहीं शुरू हुआ केंद्र

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत भी कराई गई है, लेकिन इसके बावजूद भवन आज तक अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका. भवन पर कब्जा बने रहने के कारण केंद्र का नियमित संचालन संभव नहीं हो पा रहा है.

अधिकारियों से की गई शिकायत

स्थानीय लोगों ने इस मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की है और अतिक्रमण हटाकर भवन को आंगनबाड़ी केंद्र के लिए उपलब्ध कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी भवन पर कब्जा होने से बच्चों और महिलाओं को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं.

क्या बोले बीडीओ

इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सुधीर कुमार ने कहा कि यदि आंगनबाड़ी केंद्र भवन का निर्माण हो चुका है और वह अतिक्रमण का शिकार है, तो आंगनबाड़ी सेविका या स्थानीय लोग बाल विकास परियोजना कार्यालय, मनेर में लिखित शिकायत दें. शिकायत मिलने के बाद बाल विकास परियोजना कार्यालय के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.


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By Suaib khan maner

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