Patna AIIMS में 85 से ज्यादा ऑपरेशन टले, कल भी ओपीडी रहेगा बंद, 3400 से ज्यादा मरीज बिना इलाज लौटे

Patna AIIMS : पटना एम्स में विधायक चेतन आनंद और डॉक्टरों के बीच विवाद के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. शुक्रवार को रेजिडेंट डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए, जिससे ओपीडी और ओटी सेवाएं ठप रहीं. डॉक्टरों ने विधायक से माफी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.

Patna AIIMS : पटना एम्स में विधायक चेतन आनंद और उनके सुरक्षाकर्मियों द्वारा एक मरीज को देखने के दौरान डॉक्टरों के साथ हुए विवाद के बाद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. शुक्रवार को एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर कामकाज ठप कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये. रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों डॉक्टरों ने मार्च निकाल कर विरोध जताया. नाराज जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए ओपीडी से लेकर ऑपरेशन थियेटर (ओटी) बंद कर दिया.

इससे शुक्रवार को अस्पताल के 20 ओटी में होने वाले 100 ऑपरेशन में सिर्फ 15 बड़े ऑपरेशन ही हो सके, जबकि लगभग 85 सर्जरी टाल दी गयी. इसके अलावा ओपीडी में 3400 से अधिक मरीजों का इलाज नहीं हो पाया. फैकल्टी डॉक्टरों की देखरेख में सिर्फ 650 मरीजों का इलाज हुआ. बाकी मरीज बिना इलाज के ही लौट गये.

डॉक्टरों का आरोप है कि विधायक चेतन आनंद के सुरक्षाकर्मियों ने अस्पताल के गार्ड और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों से बदसलूकी और धक्का-मुक्की की. उन्होंने मांग की है कि विधायक लिखित रूप में माफी मांगें, प्रशासन दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे और डॉक्टर और गार्ड पर दर्ज केस को वापस हो. अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह शनिवार को भी हड़ताल पर रहेंगे और ओटी और ओपीडी सेवा बाधित रखेंगे.

रेजिडेंट डॉक्टरों और एम्स के निदेशक के बीच बैठक

हड़ताल के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों और एम्स के निदेशक डॉ सौरभ वर्थन के बीच बैठक भी हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया. निदेशक के आश्वासनों से डॉक्टर संतुष्ट नहीं हुए. डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने शनिवार को भी प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है.

शुक्रवार को रेजिडेंट डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार किया. इससे ओपीडी, इमरजेंसी और सामान्य विभागों में इलाज बाधित हुआ. हालांकि, दोपहर के बाद कुछ सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य होने लगीं, लेकिन डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि यह स्थिति स्थायी नहीं है.

सिटी एसपी वेस्ट भानु प्रताप ने कहा कि दोनों तरफ से शिकायत दर्ज करायी गयी है. पुलिस सीसीटीवी और वीडियो फुटेज देखने के अलावा हर पहलू पर तहकीकात कर रही है.

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फैकल्टी एसोसिएशन ने जूनियर डॉक्टरों के साथ दिखायी एकजुटता

शुक्रवार को एम्स पटना फैकल्टी एसोसिएशन की आम सभा की आपातकालीन बैठक हुई. इसमें विधायक चेतन आनंद, उनकी पत्नी आयुषी सिंह और उनके समर्थकों द्वारा हथियार के साथ जबरन प्रवेश, सुरक्षा कर्मियों से मारपीट और डॉक्टरों को धमकाने की घटना की निंदा की गयी. एसोसिएशन ने दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है.

एम्स प्रशासन से अस्पताल परिसर में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए समुचित इंतजाम किये जाने का अनुरोध किया है. फैकल्टी एसोसिएशन ने जूनियर डॉक्टरों के साथ पूरी एकजुटता दिखाते हुए निर्णय लिया है कि यदि प्रशासन दोषियों पर तुंरत कार्रवाई नहीं करता है, तो सभी संकाय सदस्य आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

पहले चरण में सभी संकाय सदस्य काली पट्टी बांध कर ड्यूटी करेंगे. मालूम हो कि एम्स में बुधवार की रात विधायक चेतन आनंद व उनकी पत्नी डॉ आयुषी सिंह और रजिडेंट डॉक्टर व सुरक्षा कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई थी.चेतन आनंद अपनी शूटिंग एकेडमी के एक घायल खिलाड़ी को देखने एम्स पहुंचे थे.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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