Bihar Satellite Township: बिहार में शहरी विकास को गति देने के लिए सरकार सैटेलाइट टाउनशिप बसाने की तैयारी कर रही है. इस योजना को लेकर नगर एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने साफ कहा कि इस योजना के तहत शहरों का योजनाबद्ध विकास किया जाएगा और किसी की जमीन जबरन नहीं ली जाएगी.
लैंड पूलिंग मॉडल से होगा विकास
विनय कुमार ने बताया कि टाउनशिप के लिए ली जाने वाली जमीन को डेवलप किया जाएगा और फिर उसका 55 प्रतिशत हिस्सा जमीन मालिकों को वापस कर दिया जाएगा. इस प्रक्रिया को लैंड पूलिंग मॉडल के तहत लागू किया जाएगा, जिससे जमीन मालिकों को सीधे लाभ मिलेगा.
जमीन की कीमत कई गुना बढ़ने का दावा
सरकार का दावा है कि टाउनशिप बनने के बाद जमीन की कीमत में भारी बढ़ोतरी होगी. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी जमीन की मौजूदा कीमत 1 लाख रुपये है, तो डेवलपमेंट के बाद उसकी कीमत 10 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. ऐसे में 55% जमीन वापस मिलने पर मालिकों को बड़ा फायदा होगा.
बेहतर सुविधाओं से लैस होंगे प्लॉट
सैटेलाइट टाउनशिप में हर प्लॉट के साथ चौड़ी सड़क, ड्रेनेज, सीवरेज सिस्टम और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. सड़क निर्माण के लिए कुल जमीन का लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल किया जाएगा.
11 जिलों में बसेंगे नए सैटेलाइट शहर
सरकार ने राज्य के 11 जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का फैसला लिया है. इसमें 3 प्रतिशत जमीन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आरक्षित रखी जाएगी. इस परियोजना में वर्ल्ड बैंक और देश की बड़ी एजेंसियों का भी सहयोग लिया जा रहा है.
जमीन की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक
जहां टाउनशिप बसाने की योजना है, वहां फिलहाल जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है. सरकार का कहना है कि इससे किसानों को फायदा होगा और उनकी जमीन सस्ते में खरीदे जाने से बचाई जा सकेगी.
सरकार के अनुसार, इस योजना की शुरुआत अक्टूबर से नवंबर के बीच होने की संभावना है. ऐसे में जल्द ही बिहार के लोगों को एक नई शहरी सुविधा और विकास का अवसर मिलने वाला है.
