Patliputra Greenfield Township: पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड टाउनशिप को सिर्फ मकान बनाने की जगह नहीं बनाया जाएगा. इसे ऐसे आधुनिक शहर के रूप में तैयार करने की योजना है, जहां लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर नहीं जाना पड़े. मास्टर प्लान में घर के आसपास स्कूल, अस्पताल, पार्क, सुरक्षा और दूसरी जरूरी सुविधाएं देने का पूरा खाका तैयार किया गया है.
शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर रहेगा सबसे ज्यादा ध्यान
नई टाउनशिप के प्लान में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, मनोरंजन और सामुदायिक सुविधाओं को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है. इन सुविधाओं को इलाके की आबादी और जरूरत के हिसाब से विकसित किया जाएगा. इसके लिए पूरे सिस्टम को चार अलग-अलग स्तरों में बांटा गया है ताकि हर क्षेत्र के लोगों को आसानी से सुविधाएं मिल सकें.
मोहल्ले से क्षेत्रीय स्तर तक बनेगा सुविधाओं का नेटवर्क
योजना के तहत मोहल्ला, सेक्टर, शहर और क्षेत्रीय स्तर पर अलग-अलग सुविधाएं तैयार की जाएंगी. मोहल्ला स्तर पर रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सामुदायिक सुविधाएं होंगी. सेक्टर स्तर पर स्कूल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), पार्क और पुलिस चौकी बनाई जाएगी. शहर स्तर पर विश्वविद्यालय, बड़े अस्पताल, खेल परिसर और सांस्कृतिक संस्थान विकसित किए जाएंगे. वहीं क्षेत्रीय स्तर पर बड़े संस्थान और विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
बच्चों को स्कूल जाने के लिए नहीं तय करनी होगी लंबी दूरी
मास्टर प्लान में शिक्षा को सबसे अहम जगह दी गई है. नर्सरी से लेकर विश्वविद्यालय तक की पढ़ाई की सुविधा टाउनशिप में ही उपलब्ध कराने की योजना है. स्कूलों की जगह इस तरह तय की जाएगी कि बच्चे पैदल भी आसानी से स्कूल पहुंच सकें.
कॉलेज शहर की जरूरत के हिसाब से बनाए जाएंगे. विश्वविद्यालय और विशेष शिक्षण संस्थानों को मुख्य सड़कों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के पास विकसित करने की योजना है. इसके साथ ही कोचिंग हब और उच्च शिक्षा संस्थानों के जरिए पटना को शिक्षा का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी है.
आबादी के हिसाब से तय होंगे स्कूल और कॉलेज
टाउनशिप में शिक्षा की सुविधा बढ़ाने के लिए आबादी के अनुसार मानक तय किए गए हैं. हर 2500 लोगों पर एक नर्सरी या प्री-प्राइमरी स्कूल होगा. 5000 लोगों पर एक प्राथमिक विद्यालय बनाया जाएगा.
7500 लोगों पर एक माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूल की योजना है. 90 हजार से 1 लाख लोगों की आबादी पर एक एकीकृत स्कूल बनाया जाएगा. इसके अलावा 1.25 लाख लोगों पर एक कॉलेज और 10 लाख लोगों पर एक विश्वविद्यालय बनाने का प्रस्ताव रखा गया है.
सेक्टर में मिलेंगी रोजमर्रा की सभी जरूरी सुविधाएं
हर सेक्टर में ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी जिनकी जरूरत लोगों को रोज पड़ती है. इसमें स्कूल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पार्क और पुलिस चौकी शामिल होंगे. इसका मकसद यह है कि लोगों को पढ़ाई, इलाज, सुरक्षा और हरियाली जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए टाउनशिप से बाहर न जाना पड़े. जैसे-जैसे आबादी बढ़ेगी, उसी हिसाब से सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा.
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स्पोर्ट्स सिटी और बड़े अस्पताल भी होंगे तैयार
शहर और क्षेत्रीय स्तर पर कई बड़ी सुविधाएं विकसित करने की योजना है. शहर स्तर पर विश्वविद्यालय, बड़े अस्पताल, खेल परिसर और सांस्कृतिक संस्थान बनाए जाएंगे. क्षेत्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स सिटी, न्यायिक अकादमी, विशेष अस्पताल और बड़े विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे.
मोहल्ला स्तर पर रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सामुदायिक सुविधाएं मिलेंगी. सेक्टर स्तर पर स्कूल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पार्क और पुलिस चौकी बनाई जाएगी. शहर स्तर पर विश्वविद्यालय, बड़े अस्पताल, खेल परिसर और सांस्कृतिक संस्थान विकसित होंगे. क्षेत्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स सिटी, न्यायिक अकादमी, विशेष अस्पताल और बड़े विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे.
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