Patan Devi Temple Timings: पटना के शक्तिपीठों में मंगला आरती और दर्शन का पूरा समय यहाँ देखें

पटना. पटना स्थित शक्तिपीठ बड़ी पटनदेवी और सिद्धशक्तिपीठ छोटी पटनदेवी में हर दिन हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुँचते हैं। अगर आप भी सपरिवार माता का दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए Patan Devi Temple Timings जानना बेहद जरूरी है। सही समय सारणी की जानकारी होने से […]

पटना. पटना स्थित शक्तिपीठ बड़ी पटनदेवी और सिद्धशक्तिपीठ छोटी पटनदेवी में हर दिन हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुँचते हैं। अगर आप भी सपरिवार माता का दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए Patan Devi Temple Timings जानना बेहद जरूरी है। सही समय सारणी की जानकारी होने से आप मंगला आरती से लेकर शयन आरती तक का हिस्सा बन सकते हैं और बिना किसी भीड़ या असुविधा के शांतिपूर्वक दर्शन कर सकते हैं। इस खबर में हम आपको दोनों प्रमुख शक्तिपीठों के खुलने, आरती होने और बंद होने का पूरा शेड्यूल विस्तार से बता रहे हैं।

शक्तिपीठ बड़ी पटनदेवी में पूजा और दर्शन का समय

बड़ी पटनदेवी मंदिर में दिन की शुरुआत बेहद ही भक्तिमय और दिव्य माहौल में होती है। यहाँ माता की पूजा-पाठ और आरती का समय इस प्रकार निर्धारित है:

  • सुबह की पूजा: मंदिर में माता भगवती की पूजा-पाठ की शुरुआत सुबह 5:00 बजे से ही हो जाती है।
  • मंगला आरती: इसके ठीक बाद सुबह 5:30 बजे मंगला आरती की जाती है, जिसके उपरांत भक्तों के दर्शन-पूजन के लिए कपाट खोल दिए जाते हैं।
  • विश्राम का समय: दोपहर 1:00 बजे से लेकर 2:00 बजे तक मंदिर के कपाट माता के विश्राम के लिए बंद रहते हैं।
  • शयन आरती: सामान्य दिनों में शाम 8:30 बजे शयन आरती होती है। विशेष ध्यान दें कि मंगलवार के दिन शयन आरती रात 9:00 बजे संपन्न की जाती है।

सिद्धशक्तिपीठ छोटी पटनदेवी का पूरा शेड्यूल

पटना सिटी स्थित छोटी पटनदेवी मंदिर में भी भक्तों का भारी तांता लगा रहता है। यहाँ के लिए निर्धारित समय सारणी इस प्रकार है:

  • मंगला आरती और श्रृंगार: यहाँ सुबह 5:00 बजे मंगला आरती होती है। इसके बाद भगवती की विशेष पूजा-अर्चना और भव्य श्रृंगार किया जाता है।
  • दर्शन का समय: श्रृंगार पूरा होने के उपरांत सुबह 7:00 बजे भक्तों के दर्शन-पूजन के लिए माता का पट खुलता है।
  • विश्राम का समय: दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक भगवती के विश्राम को लेकर मंदिर के कपाट बंद रखे जाते हैं।
  • संध्या और शयन आरती: दोपहर 3:00 बजे से रात 9:00 बजे तक भक्त लगातार दर्शन कर सकते हैं। शाम 7:00 बजे संध्या आरती का आयोजन होता है, और अंत में रात 9:00 बजे शयन आरती के बाद मंदिर का कपाट बंद कर दिया जाता है।

माता के भक्तों के लिए यह समय सारणी बहुत उपयोगी है ताकि वे अपनी सुविधा और श्रद्धा के अनुसार सही समय पर पहुंचकर दर्शन का पुण्य लाभ उठा सकें।

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Published by: Ajay Kumar

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