सभी चुनौतियों के बावजूद, हमारा राज्य प्रगति के पथ पर अग्रसर है: नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में 79वें स्वतंत्रता दिवस पर झंडोत्तोलन के बाद कहा है कि सभी चुनौतियों के बावजूद, हमारा राज्य प्रगति के पथ पर अग्रसर है.

संवाददाता, पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान में 79वें स्वतंत्रता दिवस पर झंडोत्तोलन के बाद कहा है कि सभी चुनौतियों के बावजूद, हमारा राज्य प्रगति के पथ पर अग्रसर है. हमारा अतीत गौरवशाली और विरासत समृद्ध है. हम उसी ऊंचाई को फिर से प्राप्त करना चाहते हैं. इस दौरान भारतीय सेना का अभिनंदन कर उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि बिहार ने स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभायी. बिहार के लोगों ने हमेशा राष्ट्रनिर्माण में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है और देश के लोकतंत्र को मजबूती प्रदान की है. सरकार की कामना है कि समाज में सद्भाव एवं भाईचारा का माहौल कायम रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से बिहार का बजट लगातार बढ़ रहा है. वर्ष 2005-06 में नयी सरकार बनने के समय राज्य का बजट मात्र 28 हजार करोड़ रुपये ही था यह अब तीन लाख 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है. वर्ष 2005 में बिहार में पुलिस बल की संख्या मात्र 42 हजार 481 थी, जो अब एक लाख 31 हजार हो गयी है और नियुक्ति तेजी से जारी है. राज्य में वर्ष 2005 की तुलना में हत्या, डकैती, लूट एवं फिरौती के लिए अपहरण की घटनाओं में बहुत कमी आयी है. अब किसी प्रकार के डर और भय का वातावरण नहीं है. लोग देर रात तक बाजार-हाट का काम कर रहे हैं. लोग बिना डर भय के हर जगह आवाजाही कर रहे हैं. शिक्षा में प्रगति शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बहुत कम स्कूल थे और शिक्षकों की काफी कमी थी जिसके कारण स्कूलों में ठीक से पढ़ाई नहीं होती थी. सभी पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय खोले गये. लड़कियों को बारहवीं पास करने पर 25 हजार रुपये तथा ग्रेजुएट पास होने पर 50 हजार रुपये की राशि दी जा रही है. अब लड़कियां भी खूब पढ़ रही हैं. वर्ष 2023 से बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 2 लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की बहाली की गयी. वर्ष 2006 से स्थानीय निकायों के माध्यम से 3 लाख 68 हजार नियोजित शिक्षक बने. अब कुल मिलाकर सरकारी शिक्षकों की संख्या 5 लाख 12 हजार हो गयी है. स्वास्थ्य सेवा में सुधार मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हर महीने औसतन 11 हजार 600 मरीज आते हैं. पहले मात्र छह मेडिकल कॉलेज थे जिनकी संख्या अब 12 हो गयी है. साथ ही 21 जिलों में नये मेडिकल कॉलेज बनाये जा रहे हैं, बचे सात जिलों में भी मेडिकल कॉलेज बनाये जायेंगे. पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को पांच हजार 400 बेड सहित अन्य पांच पुराने मेडिकल कॉलेज को 2500 बेड का किया जा रहा है. साथ ही आइजीआइएमएस को तीन हजार बेड का बनाया जा रहा है. पुल-पुलिया बेहतर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़कों, पुल-पुलियों का निर्माण कराया गया है. इससे लगभग पांच घंटे में सबसे दूर वाले क्षेत्र से पटना पहुंचना संभव हुआ है. वर्ष 2020 से सात निश्चय-2 के तहत सभी योजनाओं पर काम चल रहा है. इनमें-ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट, हर खेत तक सिंचाई का पानी, टेलीमेडिसिन, बाल हृदय योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है. महिला सशक्तीकरण मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण को लेकर वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं एवं वर्ष 2007 में नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण से शुरुआत की गयी. वर्ष 2013 से पुलिस में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण दिया. अब बिहार पुलिस में महिलाओं की संख्या देश में सबसे अधिक है. वर्ष 2016 से महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है. उन्होंने कहा कि पहले बिहार में स्वयं सहायता समूह की संख्या बहुत कम थी. वर्ष 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर राज्य में स्वयं सहायता समूह का गठन किया जिसे ””””””””जीविका”””””””” नाम दिया. उन्होंने कहा कि अब स्वयं सहायता समूह की संख्या लगभग 11 लाख है जिसमें ””””””””जीविका दीदियों की संख्या एक करोड़ 40 लाख हो गयी है. वर्ष 2024 से शहरी क्षेत्रों में भी स्वयं सहायता समूह का गठन हो रहा है जिनकी संख्या 37 हजार हो गयी है जिसमें लगभग तीन लाख 85 हजार जीविका दीदियां हैं. इनका गठन लगातार जारी है. हिंदू-मुस्लिम झगड़ा अब नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले हिंदू-मुस्लिम झगड़ा होता था. अब कोई झगड़ा-झंझट नहीं होता है. मुस्लिम समुदाय के लिए भी हमने काफी काम किया है. मदरसों को सरकारी मान्यता दी गयी है एवं उनके शिक्षकों को सरकारी शिक्षकों के बराबर वेतन दिया जा रहा है. जाति आधारित गणना मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में जाति आधारित गणना करायी, जिसमें लोगों की आर्थिक स्थिति की भी जानकारी ली गयी है. इसमें 94 लाख गरीब परिवार पाये गये जिसमें अपर कास्ट, पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित, महादलित एवं मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हैं. इनके रोजगार के लिए दो लाख रुपये की दर से सहायता देना शुरू किया और इस सहायता को पांच वर्षों में सभी लोगों को देना था. अब तय कर दिया है कि इन सभी परिवारों को एक साथ सहायता दी जायेगी, जिसके लिए उच्च स्तरीय समिति बनायी गयी है. प्रगति यात्रा में विकास कार्यों की ली जानकारी वर्ष 2024 के दिसंबर और 2025 के जनवरी-फरवरी माह में मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान सभी जिलों में जाकर विकास कार्यों को देखा और जो कमी रही उसे पूरा करने के लिए 430 नयी योजनाओं की स्वीकृति दी. उन पर 50 हजार करोड़ रुपये की लागत आयेगी. सभी वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं को मिलने वाली पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 कर दिया गया है. अब लगभग सभी घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली मुफ्त दी जा रही है. सरकार की तरफ से सभी इच्छुक लोगों के घरों पर सोलर लगाये जायेंगे. इससे सभी को बहुत फायदा होगा. 13 विभागों की निकाली गयी झांकियां स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर 13 विभागों की झांकियां निकाली गयीं. इनमें बिहार अग्निशमन सेवा, उद्योग विभाग, खेल विभाग, मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, कृषि विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, समाज कल्याण विभाग, विधि विभाग, शिक्षा विभाग, जीविका, श्रम संसाधन विभाग, पंचायती राज विभाग एवं ऊर्जा विभाग शामिल हैं. इसमें शिक्षा विभाग के अंतर्गत बिहार शिक्षा परियोजना परिषद को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ. निदेशालय, बिहार अग्निशमन सेवा को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि कृषि विभाग के अंतर्गत कृषि निदेशालय को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ.

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Published by: Rakesh ranjan

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