Patna Cyber Fraud : पटना के रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है. खेमनीचक निवासी कृपानिधि को सोशल मीडिया के जरिए ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया गया. इसके बाद साइबर ठगों ने एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से उनसे 3.69 लाख रुपये जमा करा लिए. रकम लेने के बाद आरोपितों ने ऐप पर पीड़ित का अकाउंट फ्रीज कर दिया और पैसे निकालने के लिए दोबारा रकम जमा करने की मांग की. ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने पटना साइबर थाने में शिकायत दर्ज करायी है.
इंस्टाग्राम पर ट्रेडिंग के मुनाफे का दिया लालच
पीड़ित कृपानिधि के अनुसार, उन्हें इंस्टाग्राम के माध्यम से ट्रेडिंग से जुड़ा ऑफर दिया गया था. सोशल मीडिया पर उन्हें कम समय में ट्रेडिंग के जरिए अच्छा खासा मुनाफा कमाने का लालच दिया गया. बातचीत आगे बढ़ने के बाद उन्हें एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने और उसके माध्यम से निवेश करने के लिए कहा गया.
शिकायत के अनुसार, साइबर ठगों ने 'MFIAN' नामक ट्रेडिंग ऐप के जरिए पीड़ित को निवेश पर मुनाफा और आईपीओ से कमाई का झांसा दिया. शुरुआत में ठगों ने निवेश को फायदे का सौदा बताकर पीड़ित को भरोसे में लिया. इसके बाद अलग-अलग तरीके से उनसे रकम जमा करायी गयी.
3.69 लाख जमा कराने के बाद अकाउंट फ्रीज
पीड़ित का आरोप है कि जालसाजों के कहने पर उन्होंने कुल 3.69 लाख रुपये जमा कर दिए. रकम जमा करने के बाद जब उन्होंने अपने पैसे और कथित मुनाफे को निकालने की कोशिश की, तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा.
आरोप है कि ठगों ने ऐप पर उनका अकाउंट फ्रीज कर दिया. इसके बाद कहा गया कि जब तक अतिरिक्त रकम जमा नहीं की जाएगी, तब तक खाते से पैसे नहीं निकाले जा सकेंगे. इस तरह पीड़ित को यह समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है.
साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत, जांच शुरू
ठगी का पता चलने के बाद कृपानिधि ने साइबर क्राइम ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज करायी. इसके बाद उन्होंने पटना साइबर थाने में लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जानकारी दी और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की.
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस की जांच में ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट, बैंक खातों और कथित ट्रेडिंग ऐप से जुड़े लेनदेन की जानकारी जुटायी जा रही है.
फर्जी ट्रेडिंग ऐप से रहें सावधान
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर होने वाली साइबर ठगी में अपराधी पहले सोशल मीडिया के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं. इसके बाद उन्हें कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर फर्जी ऐप या वेबसाइट पर निवेश करने के लिए तैयार किया जाता है. ऐप पर नकली मुनाफा दिखाकर पीड़ित से और अधिक रकम जमा करायी जाती है.
