अधिकारी ने निरीक्षण को मांगी सुविधा, निंदन का मिला दंड

निरीक्षण के लिए मुख्यालय पटना से पूर्णिया जाने के लिए बिहार प्रशासनिक सेवा (बिप्रसे) की एक महिला अधिकारी द्वारा इनोवा क्रिस्टा या टाटा सफारी वाहन, यात्रा के दौरान सुरक्षा गार्ड और जिला अतिथि गृह में विश्राम के लिए कमरा आरक्षित करवाने की मांग भारी पड़ी.

पटना.निरीक्षण के लिए मुख्यालय पटना से पूर्णिया जाने के लिए बिहार प्रशासनिक सेवा (बिप्रसे) की एक महिला अधिकारी द्वारा इनोवा क्रिस्टा या टाटा सफारी वाहन, यात्रा के दौरान सुरक्षा गार्ड और जिला अतिथि गृह में विश्राम के लिए कमरा आरक्षित करवाने की मांग भारी पड़ी.सरकार ने माना कि महिला अधिकारी ने अपने पद के अनुरूप काम नहीं किया है.लिहाजा उन्हें वर्ष-2024-25 के लिए निंदन का दंड दिया गया. मामला मामला कला- संस्कृति एवं युवा विभाग की विशेष कार्य पदाधिकारी (ओएसडी)कहकशां से जुड़ा है. दरअसल कहकशां को पूर्णिया के कला भवन का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया था. कला एवं संस्कृति विभाग की तरफ से 15 जून, 2024 तक जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया था. उक्त प्रतिवेदन को बिहार विधान परिषद की सरकारी आश्वासन समिति को समर्पित किया जाना था, लेकिन महिला अधिकारी कहकशां ने पूर्णिया के कला भवन के भौतिक निरीक्षण कर निरीक्षण प्रतिवेदन समर्पित करने के लिए इनोवा क्रिस्टा या टाटा सफारी गाड़ी की मांग की. यात्रा के दौरान बिहार पुलिस का एक सुरक्षा गार्ड तथा संस्कृति निदेशालय से संबंधित एक लिपिक देने का अनुरोध किया. इसके साथ ही पूर्णिया के डीएम को जिला अतिथि गृह में विश्राम एवं भोजन के लिए कमरा आरक्षित करने, संबंधित पदाधिकारी से समन्वय स्थापित करने के लिए अधिकारी की प्रतिनियुक्ति करने की मांग की.

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By Prabhat Khabar News Desk

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