संवाददाता, पटना कन्हौली से शेरपुर एनएच-131जी सिक्सलेन पटना रिंग रोड के निर्माण और रखरखाव की देखरेख की जिम्मेदारी सात साल के लिए अथॉरिटी इंजीनियर को दी जायेगी. अथॉरिटी इंजीनियर की सेवा लेने के लिए उनकी बहाली टेंडर के माध्यम से की जायेगी. इसके लिए एनएचएआइ ने टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है. फिलहाल इस सड़क के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. इस सड़क के बनने से पटना और आसपास के जिलों में ट्रैफिक का लोड कम होगा.
सूत्रों के अनुसार सिक्सलेन पटना रिंग रोड हाइवे एनएच-131जी का कन्हौली से शेरपुर तक करीब 8.480 किमी लंबाई में निर्माण किया जायेगा. यह पूरी तरह ग्रीनफील्ड सड़क होगी. यह सड़क बिहटा-दानापुर एलिवेटेड कॉरिडोर को कनेक्टिविटी देगी. इससे पटना शहर और दूसरी तरफ बिहटा एयरपोर्ट आने-जाने में सुविधा होगी. दरअसल यह सड़क प्रस्तावित रिंग रोड का पहला चरण है.
137.5 किमी लंबा होगा पूरा रिंग रोड
सूत्रों के अनुसार इससे पहले प्रस्तावित रिंग रोड के एलाइनमेंट को करीब 137.5 किमी लंबाई में सरकार से मंजूरी मिल चुकी है. यह पूरा रिंग रोड राज्य और केंद्र सरकार की साझा परियोजना है. इस पूरी रिंग रोड की अनुमानित लागत करीब 1500 करोड़ रुपये है और इसके अलाइनमेंट में गंगा नदी पर दो पुल का निर्माण शामिल है. इस रिंग के निर्माण के दौरान गंडक नदी के बगल में एक नया पुल बनाने की योजना है. इसके निर्माण से भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, बक्सर, कैमूर और जमुई आने-जाने वालों को पटना शहर से अंदर से जाने की जरूरत नहीं होगी.
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