Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्य की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. सोमवार को वे बिहार विधान परिषद की सदस्यता से अपना इस्तीफा सौंपेंगे. जानकारी के मुताबिक, वे खुद परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह से मिलकर अपना त्यागपत्र देंगे. नियमों के अनुसार, किसी भी सांसद के रूप में निर्वाचित होने के बाद 14 दिनों के भीतर पुरानी सदस्यता छोड़नी पड़ती है. नीतीश कुमार इसी संवैधानिक प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं.
अनंत सिंह से भी मिले नीतीश कुमार
इस्तीफे की औपचारिकताओं से ठीक पहले रविवार को मुख्यमंत्री आवास पर गहमागहमी का माहौल रहा. नीतीश कुमार ने जदयू के कद्दावर नेताओं जैसे ललन सिंह, संजय झा, विजय कुमार चौधरी और अशोक चौधरी के साथ लंबी बैठक की. इस मुलाकात में राज्य के भविष्य और पार्टी की आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. दिलचस्प बात यह रही कि मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की और बताया कि कई नेताओं ने उनसे इस्तीफा न देने की गुजारिश की थी, लेकिन नीतीश कुमार अपने फैसले पर अडिग रहे.
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10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के तौर पर ले सकते हैं शपथ
नीतीश कुमार का विधान परिषद में यह चौथा कार्यकाल था, जो साल 2030 तक चलने वाला था. राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद अब वे दिल्ली के सियासी गलियारों में नजर आएंगे. माना जा रहा है कि 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ले सकते हैं. उनके इस कदम के बाद बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर भी कयासों का दौर शुरू हो गया है. नीतीश कुमार ने साफ कर दिया है कि वे अपनी नई जिम्मेदारी निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
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