Bihar DSP Transfer : बिहार में एक साथ हुआ 55 डीएसपी का तबादला, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना, देखें लिस्ट

Bihar DSP Transfer : बिहार की नीतीश सरकार ने मानसून सत्र खत्म होते ही एक साथ 55 डीएसपी रैंक के पुलिस अधिकारियों को इधर से उधर किया है. गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. आइये जानते हैं किस अधिकारी को किस जिले में भेजा गया है.

Bihar DSP Transfer : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर बड़े पैमाने पर पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया है. गृह विभाग ने शुक्रवार को 55 डीएसपी रैंक के अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की अधिसूचना जारी की है. इस लिस्ट में राजधानी पटना के भी कई अधिकारियों के नाम शामिल हैं. पटना ट्रैफिक डीएसपी आलोक कुमार सिंह को अब अपराध अनुसंधान विभाग में अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर तैनात किया गया है.

भास्कर रंजन का तबादला पटना रेल डीएसपी के तौर पर

बेगूसराय सदर-2 के डीएसपी भास्कर रंजन पिछले तीन वर्षों से जिले में सेवा दे रहे थे उनको अब पटना रेल डीएसपी पद पर स्थानांतरित किया गया है. बेगूसराय में उन्हें मटिहानी, रिफाइनरी, चकिया और बरौनी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई थी. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने छह से अधिक हत्या मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया. नियमानुसार तीन साल का कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद उनका ट्रांसफर किया गया है.

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गया को मिला नया एएसपी

कैमूर के मनोज कुमार जो अब तक बिहार पुलिस मुख्यालय पटना में पदस्थापन की प्रतीक्षा में थे उनको गया का अपर पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है. बेतिया के रहने वाले और कटिहार में तैनात मोहम्मद तनवीर अहमद को पटना में आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) की जिम्मेदारी सौंपी गई है. गया में कार्यरत सरंजिता के मोहम्मद अनवर जावेद अंसारी को अब पटना एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) में भेजा गया है. पालीगंज में तैनात शेखपुरा के उमेश्वर चौधरी को जमालपुर रेल का अपर पुलिस निरीक्षक बनाया गया है. पटना में विधि-व्यवस्था संभाल रहे कैमूर के दिनेश कुमार पांडे को अब स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), पटना की कमान सौंपी गई है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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